गर्भपात एक जघन्य पाप है प्रमाण सागर महाराज

धर्म

गर्भपात एक जघन्य पाप है प्रमाण सागर महाराज
इंदौर
*गर्भपात” जैसा कुकृत्य आजकल आम होता जा रहा है,कहा तो हम गर्भकल्याणक मनाने की बात कर रहे है,वही गर्भपात जैसी क्रूर क्रियायें हो रही है यह कोई आपरेशन नहीं है, बल्कि एक जघन्य पाप है जीवित इंसान की हत्या है, यह हत्या तुम्हारे वंश की तुम्हारे मातृत्व की हत्या है तुम्हारे ही खून का खून है” “धर्म के क्षेत्र में आप धार्मिक क्रियायें न भी करो तो कोई बात नहीं लेकिन इस प्रकार के अधर्म करने से बचो” उपरोक्त उदगार मुनि श्री प्रमाणसागर महाराज ने गर्भकल्याणक उत्तरार्ध के दिवस प्रातःप्रवचन सभा में व्यक्त किये।*मुनि श्री ने उपस्थित सभी श्रद्धालुओं तथा लाईव सुन रहे संपूर्ण भारत के श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देते हुये”गर्भपात न कराने संकल्प कराया” उन्होंने एक मां की वेदना को सुनाते हुये कहा कि जिस बच्चे को आप अपने पेट में मारने जा रहे हो यह एक ऐसा कुकृत्य है जो आपको भविष्य में मां बनने से ही वंचित कर सकता है,मुनि श्री ने कहा कि यदि आपको संतान ही नहीं चाहिए थी तो बीज क्यों बोया? और यदि बोया है तो खुशी खुशी उस जीव को स्वीकार करो। यदि आपने भ्रूणहत्या या गर्भपात जैसा कोई भी कुकृत्य किया तो वह आपको कही का भी नहीं छोड़ेगा उन्होंने कहा कि गोद की संतान को तो प्रेम करते हो जरा सी खरोच भी लग जाए तो दुनिया सिर पर उठा लेते हो और कोख में पलने वाले की हत्या? यह एक जघन्य अपराध है, जिन्होंने अपने जीवन में कभी भी गर्भपात कराया हो या इस पाप में सहभागिता दी हो वह आज के दिन अपने गुरु के सामने जाकर प्रायश्चित कर लेना सच्चे अर्थों में वह लोग न तो भगवान का अभिषेक करने के अधिकारी है और न ही मुनि महाराज को आहार के दैने योग्य है,उनको अधर्म का फल तो मिलना ही है,इसलिये आज से ही संकल्प ले लेना कि ऐसे कुकृत्य न तो करेंगे और न ही इसकी अनुमोदना करेंगे।

 

उन्होंने कहा कि हम सभी को अपने जीवन का लक्ष्य परिपूर्ण बनाने के लिये होंना चाहिये मेरे जीवन का उद्धार मुझे खुद करना है कोई दूसरा करने वाला नहींयह ललक होंना चाहिए, उन्होंने कहा कि धर्म को प्राथमिकता बना लोगे धर्म अपने आप आपके जीवन में उतरने लगेगा,और यदि हिंसा और पाप में रत रहोगे तो आपके जीवन में धर्म कहा से आएगा?

इस अवसर पर मुनि श्री निर्वेगसागर महाराज ने कहा किसी के कहने से हमारा कल्याण नहीं हो सकता जैसे आईना को देखकर हम अपने दाग मिटाते है ऐसे ही तीर्थंकर भगवान की प्रतिमा को देखकर हमें अंदर की कलुषता को मिटाना होगा भगवान तो एक निमित्त मात्र है हमें अपने कल्याण का मार्ग स्वं प्रशस्त करना होगा इस अवसर पर मुनि श्री संधान सागर महाराज एवं सभी क्षुल्लक मंचासीन रहे। पंचकल्याणक महोत्सव के संयोजक हर्ष जैन प्रचार प्रमुख एवं प्रवक्ता अविनाश जैन मीडिया प्रभारी राहुल जैन ने उपरोक्त जानकारी देते हुये बताया प्रातःकाल गर्भकल्याणक की पूजा संपन्न हुई एवं माता की गोदभराई का कार्यक्रम संपन्न हुआ 4 दिसंम्वर बुधवार को भगवान का जन्मकल्याणक महा महोत्सव मनाया जाएगा इस हेतु उदयनगर जैन मंदिर में पांडुक शिला बनाई गयी है यहा प्रातः10:30 बजे जन्माभिषेक होगा धर्म प्रभावना समिति के अध्यक्ष अशोक रानी डोसी,नवीन आनंद गोधा, मुकेश विजय पाटोदी सहित उदयनगर जैन मंदिर के सभी पदाधिकारिओं ने सभी वंधुओ से निवेदन किया है कि समय पर अनुष्ठान में पधार कर धर्म लाभ लें।प्रवक्ता अविनाश जैन विदिशा से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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