*सभी को अपनत्व देने वाली वयोवृद्ध बुआजी का रामपथ मोहल्ले ने मनाया जन्मदिन*
रामगंजमंडी
विगत एक वर्ष से रामपथ एकता की एक मिसाल बन चुका है। हो भी क्यों न इसकी स्थापना जिस दिन अयोध्या मंदिर में भगवान श्री राम लल्ला को विराजित किया गया उसी दिन से इसका उद्घाटन हुआ है। और रामपथ मोहल्ला जो बाजार नंबर 1 में है वह एकता की मिसाल बन चुका है। हर परिवार के सुख-दुख में यह मोहल्ला कदम से कदम मिलाकर खड़ा नजर आता है।
जिसमें सभी का सहयोग व समर्पण है, यदि हम कहें तो इसमें सबसे बड़ा आशीष 84 वर्षीय वयोवृद्ध श्रीमती कांति बाई गुप्ता का भी हैं। जिनका स्नेह ही इतना है कि इन्हें सभी बुआ जी कहकर पुकारते हैं। उनके घर में कोई भी पुरुष नहीं है लेकिन मां और बेटी का स्नेह इतना है कि पूरा मोहल्ला इनका परिवारवत ही है। विगत दिनों जब इनका 84 वाँ जन्मदिन था पूरे रामपथवासी बुआ जी के घर जाकर उनसे आशीर्वाद लेने व बधाई देने पहुंचे।
जैसे ही पूरा मोहल्ला उनके घर पहुंचा और उन्हें शुभकामनाएं दी तो बुआ जी की चेहरे की मुस्कान देखते हुए बन रही थी और सभी ने उन्हें शुभकामनाएं दी जो यह दर्शाता है कि बुआ जी का स्नेह व प्यार कितना है। उनकी बेटी रेखा गुप्ता जो रोसली प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापिका है। इन्होंने भी जब
विद्यालय में वार्षिक उत्सव मनाया गया तब रामपथ वासियों को स्नेह प्रदान किया एवं उनका सम्मान किया। यह अपने आप में एक प्रेरणास्पद उदाहरण कहा जा सकता है। अपना बनाने की कला कोई बुआ जी से सीखे। समस्त रामपथ वासियों ने कांति बुआजी को शाल ओढा कर उनका सम्मान करते हुए उनका आशीर्वाद लिया। जब रामपथ मोहल्ला वासी उनके आवास पर थे तो अतिथि देवो भवो को चरितार्थ होते देखा गया।
*प्रेम का सौदा यह सच्चा तोड़ कर दिखलाओ तो,*
*है तुम्हें विश्वास बंधन खोल कर दिखलाओ तो।*
*क्या खूब कहा है*
*ये निराला प्रेम बंधन तोड़ पाया कब कोई,*

*प्रेम की मंजिल की राहे छोड़ पाया कब कोई ।।*
ऐसा स्नेह,प्रेम व आदर बहुत ही कम देखने मिलता है। सचमुच रामपथ वासी पूरी मंडी के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है। जहां अपने ही बेगाने हैं वैसे में रामपथ की एकता स्नेह व अपनत्व सभी को एक सीख देती है। और हम सभी के लिए एक पर्याय बनाकर परिलक्षित हुवा है।अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312
