जिसको धन वैभव के प्रति लगाव होता है वह कभी भी अपनी जिंदगी का सुख नहीं भोग सकता प्रमाण सागर महाराज

धर्म

जिसको धन वैभव के प्रति लगाव होता है वह कभी भी अपनी जिंदगी का सुख नहीं भोग सकता प्रमाण सागर महाराज
इंदौर
जिसको धन वैभव के प्रति लगाव होता है वह कभी अपनी जिंदगी का सुख नहीं भोग सकता” उपरोक्त उदगार मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज ने वैभवनगर पंचकल्याणक स्थल पर आयोजित आचार्य गुरुदेव विद्यासागर सभा मंडप में प्रातः कालीन प्रवचन सभा में व्यक्त किये मुनिश्री ने कहा प्रायः हमारी नजर बाहर की अनुकूलता और प्रतिकूलता की और ज्यादा जाती है,जिसके पास बहूत ज्यादा धन संपत्ति है वह हमें सुखी नजर आता है,तथा जिसके पास धनसंपत्ति नहीं,वह दुःखी नजर आता है यह धारणा ही गलत है यदि धन का अभाव दुःख है,तो हम लोगों के पास तो एक कोड़ी भी नहीं है फिर भी आप लोग देख लो हम लोग आप सबसे ज्यादा सुखी नजर आते है उन्होंने कहा कि कल से तीर्थंकर प्रभु के पंचकल्याण शुरु हो रहे है आप लोग देखेंगे कि कैसे तीर्थंकर प्रभु के गर्भ में आते ही छै माह पूर्व से रत्नवृष्टी शुरु हो जाती है तथा जन्म होंने तक लगातार चलती रहती है कुमार अवस्था आते ही आत्मकल्याण हेतु उस धन वैभव को छोडकर वन की ओर चल देते है,इसका मतलब यह हुआ कि”सुख धन वैभव में नहीं है,यदि धन वैभव में ही सुख होता तो चक्रवती जैसा छै खंड का राज्य सुख को छोडकर वन को नहीं जाते,जिसको धन वैभव के प्रति लगाव होता है वह कभी अपनी जिंदगी का सुख नहीं भोग सकता, कोई तन दुखी,तो कोई धन दुःखी,कोई संतान के न होंने से दुःखी है, तो कोई संतान से दुःखी है?उन्होंने कहा परिस्थितियों को ही हम दुःख का कारण मानकर पूरी जिंदगी उसमें खपा देते है फिर भी हम उस सुख को प्राप्त नहीं कर पाते,

मुनि श्री ने कहा कि आप लोग धर्म भी करते है तो सांसारिक दुःख को दूर करने के लिये करते है “धन का अभाव दुःख का या धन का सदभाव सुख का हेतु नहीं है”जिसको भगवान ने दुःख मानकर छोड़ दिया तुम्हारी दृष्टि उसी की ओर है जिस दिन जीवन के अर्थ को समझने लगोगे तो जीवन के इस व्यर्थ से हट जाएगा तथा तुम्हारे अंदर परमार्थ घटित हो जाएगा।

 

उन्होंने कहा कि आत्ममुग्धता में मत जिओ”जब तकआप मोह का त्याग नहीं करोगे तब तक आपको संसार से मुक्ति मिलने वाली नहीं”
इस अवसर पर मुनि श्री निर्वेग सागर महाराज एवं मुनि श्री संधान सागर महाराज सहित समस्त क्षुल्लक मंचासीन थे।कार्यक्रम का संचालन अभय भैया ने किया।धर्मप्रभावना समिति के प्रवक्ता अविनाश जैन ने बताया पंचकल्याणक महामहोत्सव 2 दिसंम्वर सोमवार को प्रातः7 बजे घटयात्रा गोयलनगर से कार्यक्रम स्थल वैभवनगर तक आएगी इसी के साथ गर्भ कल्याणक की समस्त क्रियायें एवं पूजा होगी तथा 2 एवं 3 दिसंम्वर सांयकाल 5:45 से 7:15 तक मुनिसंघ के सानिध्य में “गर्भ संस्कार दिव्य संतान” विषय पर डा.अनिल गर्ग द्वारा विशेष व्याख्यान होगा।

 

पंचकल्याणक महोत्सव के संयोजक हर्ष जैन तथा धर्मप्रभावना समिति के अध्यक्ष अशोकडोसी,नवीन गोधा,मीडिया प्रभारी राहुल जैन जुलूस संयोजक जिनेश झांझरी पवन सिंघई सहित पंचकल्याणक समिति एवं धर्मप्रभावना समिति के सभी पदाधिकारीयो ने घटयात्रा में पधारने की अपील की है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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