जैन समाज रात्रि विवाह, प्री वेडिंग शूटिंग वर्जित करने के साथ भोजन में सीमित व्यंजन बनाए आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज
उदयपुर
जन-जन के आराध्य वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री 108 वर्धमान सागर महाराज ने जैन समाज से रात्रि विवाह, प्री वेडिंग शूटिंग वर्जित करने के साथ भोजन में सीमित व्यंजन बनाए जाने की बात कहते हुए इस पर तत्काल सुधार करने के लिए कहा।
उन्होंने युवा पीढ़ी को सीख देते हुए कहा कि इस बात को अच्छे से समझ लेने की धर्म संस्कृति के बिना हमारा कोई उचित नहीं रहता है। युवा वर्ग को अपनी शक्ति इसी के संरक्षण में लगानी चाहिए। तभी हमारी संस्कृति और धर्म बचा रहेगा। और हम भी तभी बचे रहेंगे।


उन्होंने युवाओं को जवाबदेही देते हुए कहा कि यह युवा पीढ़ी की ही जिम्मेदारी है कि जो भी समाज में व्याप्त बुराइयां हैं उन्हें सुधारे एवं उस पर नवाचार करने के लिए आगे आए। युवा वर्ग अपनी जिम्मेदारी को समझे एवं समाज में फैली बुराई प्रति सचेत रहे। यह युवाओं का ही परमदायित्व बनता है कि समाज में फैलती बुराइयों को समय रहते समाप्त करने का पुरुषार्थ करें।।




उन्होंने धर्म सभा में चारित्र चक्रवर्ती आचार्य श्री शांति सागर महाराज के अगले वर्ष मनाए जाने वाले शताब्दी महोत्सव समारोह को मनाने हेतु युवा शक्ति एवं संपूर्ण समाज से आह्वान किया।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
