पूज्य मुनिश्री नीरज सागर महाराज एवं पूज्य मुनि श्री निर्मद सागर महाराज का हुआ कोटा में हुआ मंगल प्रवेश समाज जन ने की मंगल अगवानी
कोटा
, आचार्य श्री 108विद्यासागर महाराज के परम प्रभावक शिष्य मुनिश्री 108नीरज सागर और मुनिश्री108 निर्मद सागर महाराज का मंगल प्रवेश रविवार प्रातःमहावीर नगर प्रथम में हुआ।
सकल दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष विमल जैन नांता ने बताया कि शनिवार को दोपहर डेढ़ बजे मुनिद्वय का पद विहार जगपुरा के लिये हुआ जहाँ 17 किमी की दूरी तय करके मुनिद्वय जगपुरा ग्राम पहुँचे जहाँ प्रतिक्रमण सामायिक पश्चात् रात्रि प्रवास हुआ। रविवार को जगपुरा से प्रातः कोटा के लिये विहार प्रारंभ हुआ। मार्ग में अनंतपुरा,गोबरिया बावड़िया आदि स्थानों पर श्रावकों द्वारा पाद प्रक्षालन किया गया।।
प्रचार सचिव मनोज जैन आदिनाथ ने बताया कि आचार्य श्री 108 समय सागर महाराज की आज्ञा से मुनिद्वय का आगमन हाड़ौती की ओर हुआ है इससे पूर्व मुनि संघ का इस वर्ष का वर्षायोग सवाई माधोपुर नगर में हुआ था।और वर्षायोग निष्ठापन के बाद सवाई माधोपुर से विहार कर


इटावा,मांगरोल,बाँरा,चांदखेड़ी,झालावाड़,रामगंजमंडी होते हुए कोटा की ओर विहार हुआ है।दोनों युवा संतों के प्रवचन काफ़ी प्रभावशाली है और दोनों मुनि महाराज ने लौकिक जीवन में उच्च शिक्षा प्राप्त कर वर्ष 2013 में आचार्य विद्यासागर महाराज से महाराष्ट्र के रामटेक में
मुनि दीक्षा ग्रहण की थी। कोचिंग के छात्र-छात्राओं को भी लाभ मिलने की संभावना है। पद विहार में अध्यक्ष विमल नांता,विमल वर्धमान,कार्याध्यक्ष प्रकाश बज,संजय निर्माण,वीरेंद्र आदिनाथ,सुधाडूंगरवाल,अजय मेहरू,रमेश चंद,नवीन दौराया, विजय जैन,सुरेश हरसौरा आदि सैकड़ों लोग साथ चल रहे थे। इसके साथ रामगंज मंडी नगर के भूपेंद्र जैन, राजीव बाकलीवाल, निलेश जैन धनोतिया, रितेश ठाई, कनकमाला जैन, प्रशांत जैन आचार्य, रीना दीदी आदि सम्मिलित रहे। मुनि द्वय ने महावीर नगर प्रथम जैन मंदिर पहुंचते ही जिनालय के दर्शन किए।
दर्शन उपरांत धर्म सभा हुई धर्मसभा में दोनों मुनिराजो ने गुरु महिमा का बखान किया। और कहा कि आचार्य श्री ने अपनी दृष्टि मात्र से कितने ही भव्य जीवों को तराशकर
रत्नो के समान बनाया है । उन्होंने आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के विषय में कहा कि आचार्य श्री संसार की तरफ देखते हुए भ उसमे आध्यात्म खोज लेते थे ।


आचार्य श्री की दृष्टि ऐसी थी कि वे देखते हुए भी नही देखते थे ,बोलते हुए भी नही बोलते थे , चलते हुए भी नही चलते थे ।
और कहा कि हमें धार्मिक क्षेत्र में कभी भी राजनीति और रणनीति नही करना चाहिए।जब भी कोई महाराज अपने नगर में पधारें तो हमारा प्रयास होना चाहिए कि और हमे एकजुट होकर धर्म के क्षेत्र में आगे आना चाहिए।
मनोज जैन आदिनाथ कोटा से प्राप्त जानकारी के साथ अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312
