वे मुर्ख लोग है* -जो गुजरे हुए वक्त को खोजते हैं..!अन्तर्मना आचार्य प्रसन्न सागरजी महाराज
समय धन से ज्यादा मूल्यवान उनके लिए है जिन्होंने समय की नसीहत को जाना और समझा है। *धन आज है, कल जा भी सकता है और गया हुआ धन, वापिस भी आ सकता है*। लेकिन जो समय हाथ से एक बार निकल गया वह कभी लौट कर वापिस नहीं आयेगा। समय जब बीत जाता है, तब हमें उसके महत्व का एहसास होता है। *जब हम वक्त को यूं ही गुजारते हैं, या टाइम पास करते हैं तब दुःख और अफसोस के अलावा हमारे पास कुछ नहीं बचता।*
जो समय का सदुपयोग करता है वह धनवान, बुद्धिमान, और बलवान बन जाता है। *जो समय का सम्मान करता है, समय उसका ज़िन्दगी भर सम्मान कराता है।* इसलिए कहते हैं ना – *समय बड़ा बलवान*। समय के आगे किसी की नहीं चलती। समय राजा को रंक और रंक को राजा बना देता है। इसलिए *कभी सफलताओं पर घमंड नहीं करना चाहिए।*






हर व्यक्ति के जीवन में अच्छा बुरा वक्त जरूर आता है। इसलिए *अच्छे वक्त में इतराना नहीं , बुरे वक्त में घबराना नहीं। क्योंकि बुरे वक्त की एक अच्छी बात है कि वह भी गुजर जाता है।* यदि हम समय को बर्बाद करते हैं तो कल समय हमें भी बर्बाद कर सकता है। इसलिए *जीवन की सफलता के लिए, समय, श्रम और सकारात्मक सोच का सम्मान करते रहना चाहिए…!!!*। नरेंद्र अजमेरा पियुष कासलीवाल औरंगाबाद
