आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की अंतिम यात्रा का दृश्य देख सभी हुए भाव विभोर
रामगंजमंडी
गुरुवार की संध्या बेला में आचार्य श्री 108 विद्यासागर महाराज का प्रथम समाधि दिवस मनाया गया प्रथम दिवस की संध्या बेला में श्रीजी की आरती, सिद्ध चक्र महामंडल विधान की आरती के उपरांत विद्यासागर महाराज की भक्ति भाव के साथ मंगल आरती की गई।
आरती के उपरांत पंडित श्री जयकुमार जैन निशांत ने आचार्य श्री के विषय में प्रकाश डाला उसके उपरांत आचार्य गुरुवर विद्यासागर महाराज पर आधारित नाटिका का मंचन किया गया नाटिका के मंचन से पूर्व आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के चित्र के समक्ष पंडित श्री जयकुमार जैन निशांत, संतोष जैन शास्त्री, एवं समाज के प्रमुख जन ने आचार्य गुरुवर विद्यासागर महाराज के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

कार्यक्रम का संचालन प्रशांत जैन आचार्य ने किया यह कार्यक्रम पाठशाला की कुशल संचालिका श्रीमती कनकमाला जैन के निर्देशन में किया गया। इस आयोजन में भक्ति भाव प्रदर्शित करते हुए आचार्य श्री द्वारा प्रकल्पों को नाटकीय रूपांतरण के द्वारा बताया गया जिसमें आचार्य श्री द्वारा इंडिया नहीं भारत बोलो, गौशाला का निर्माण, बालिकाओं के शिक्षा के लिए प्रतिभास्थली एवं मूकमाटी, हथकरघा के बारें में दिखाया गया।

इसी के साथ उनके जन्म से लेकर दीक्षा तक के समय को भी इसमें दर्शाया गया। इंडिया नहीं भारत बोलो यह पहचान है को प्रदर्शित कर गुरुवर को समर्पित किया गया। इसमें जब आचार्य श्री के अंतिम शब्द जो उनके द्वारा कहे गए थे मैं रुकूंगा नहीं मैं जाऊंगा और उसके बाद जब गुरुदेव की अंतिम यात्रा का दृश्य चकडोल यात्रा के रूप में दिखाया गया तो मौजूद भक्त भावुक हो उठे और गुरुदेव को श्रद्धा से नमन किया जब यह चकडोल यात्रा आ रही थी तब भजन चला कहां मिलेंगे हमें गुरु के चरण दोबारा उसे सुन हर कोई बस भावुक हो उठा और सभी की पलके भीग गई।



इन क्षणों में पूरा मंदिर प्रांगण स्तब्ध एवं भावुक हो उठा छोटे-छोटे बच्चों एवं समाज की महिलाओं द्वारा दी गई प्रस्तुति को सभी ने सराहा। यह आयोजन सच्चे अर्थों में आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के प्रति सच्ची विनयांजलि थी।
यह आयोजन श्रीमान दिलीप कुमार कमल कुमार अरुण कुमार संजय कुमार विनायका द्वारा हो रहे सिद्ध चक्र महामंडल विधान के अंतर्गत आयोजित हुआ।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312
