परमात्मा के दर्शन अपनी आत्मा के दर्शन जैसा होना चाहिए साध्वी सम्यग रेखा श्रीजी
रामगंजमंडी
रामगंजमंडी के बाजार नंबर 3 में स्थित श्री आदिनाथ जैन श्वेतांबर मंदिर में विचक्षण शिशु परम पूज्य प्रवर्तनी तिलक श्री जी महाराज साहब परम पूज्य महाराष्ट्र ज्योति मंजुला श्री जी महाराज साहब की शिष्याए सम्यग रेखा श्रीजी एवम सुवर्णयशा श्री जी का मंगल प्रवेश हुआ साध्वी सम्यग रेखा श्रीजी ने अपने प्रवचन में कहा कि मनुष्य परमात्मा ने जैसी आराधना बताई वैसी नहीं करता है। मंदिर में केवल परमात्मा के दर्शन करने नहीं जाना चाहिए वरन मै भी परमात्मा कैसे बनूं यह सोच रख कर जाना चाहिए परमात्मा का दर्शन अपनी आत्मा के दर्शन जैसा होना चाहिए मनुष्य परमात्मा के दर्शन और पूजा कई वर्षों से कर रहा है लेकिन मिला कुछ नहीं मोक्ष सब कहते हैं लेकिन मोक्ष कैसा है और कैसे मिलेगा इस पर मनुष्य सोचता नहीं है मनुष्य भव मिलना मतलब मोक्ष का टिकिट मिलने के समान है।
उपाश्रय का उदघाटन
साधु साध्वियों के ठहरने पौषध, सामायिक, प्रतिक्रमण जहां किया जाता है उसे उपाश्रय कहा जाता है। 50 वर्ष पूर्व बने हुए उपाश्रय का नवीनीकरण करके उसे आधुनिक मात्र 25 दिनों में बनाने पर साध्वी सम्यग रेखा श्रीजी ने कहा कि साधु साध्वी पैदल विहार करती हैं। थकान हो जाती है। मंदिर में भगवान की प्रतिमा और दादाबाड़ी में दादा गुरुदेव की प्रतिमा के दर्शन करने से आधी थकान दूर हो जाती है। अगर अच्छा उपाश्रय मिल जावे तो साधु साध्वी की पूरी थकान दूर हो जाती है।उपाश्रय बनाने के फायदे बताते हुए साध्वी ने कहा कि साधु साध्वी को ठहरने की जगह बनाने जहां अनगिनत सामयिक, पौषध और प्रतिक्रमण होते हैं जो व्यक्ति या संघ उपाश्रय बनाते हैं उन्हें अनगिनत लाभ मिलता है। सामायिक का महत्व बताते हुए साध्वीजी ने कहा कि समता भाव से की गई सामायिक ही लाभकारी होती है घर की जगह सामायिक उपाश्रय में करनी चाहिए सामायिक पूनिया श्रावक की तरह करनी चाहिए। पूनिया श्रावक की सामायिक की बडाई स्वयं भगवान महावीर स्वामी ने की थी।
आदिनाथ श्री संघ अध्यक्ष राजकुमार पारख की तारीफ करते हुए साध्वी सम्यग रेखा श्रीजी और साध्वी सुवर्ण यशा जी ने कहा कि यहां के अध्यक्ष बहुत अच्छे कार्य कर रहे हैं लेकिन खुद पीछे रहकर दूसरों को आगे लाकर सम्मान करवाते हैं। श्री आदिनाथ जैन श्वेतांबर श्री संघ अध्यक्ष राजकुमार पारख ने बताया कि नवीन उपाश्रय के उदघाटन में साध्वी मंडल ने श्लोक पढ़कर वासशेप डाला, वहीं पुरुष वर्ग के गेट का फीता काटकर उदघाटन श्वेतांबर समाज के वरिष्ठ श्रावक प्रेमचंद छाजेड, प्रेमचंद पारख, सागरमल बीजावत, दिगंबर समाज के पूर्व अध्यक्ष अजीत कुमार सेठी ने किया वहीं महिला वर्ग के गेट का फीता श्वेतांबर समाज की वरिष्ठ श्राविका कमला देवी बोथरा, प्रमिला बाफना, सुशीला चतर ने किया। प्रातः 7:00 बजे आदर्श विद्या मंदिर स्कूल पहुंची दोनों साध्वियों का सकल श्रीसंघ ने गवली बनाकर अगवानी की ढोल नगाड़ों से साध्वी मंडल को मंदिर लाया गया रास्ते में दिलीप तिल्लानी,राजकुमार पारख, सुभाष बाफना ने अपने घरों के सामने गवली से दोनों साध्वियों का अभिनंदन कर आशीर्वाद लिया।
साध्वी मंडल ने मंदिर में सर्वप्रथम आदिनाथ भगवान के दर्शन





एवं दादाबाड़ी में दादा गुरुदेव के दर्शन किये और क्रिया की साध्वी सुवर्ण यशा श्री जी ने सुंदर भजन सुनाया। 3 घंटे चले धार्मिक कार्यक्रम में सबसे अंत में चातुर्मास कमेटी जो सन 2022 में गुणरंजना श्री जी के चातुर्मास में बनी थी उनकी तरफ से नवकारसी का आयोजन हुआ।
कार्यक्रम में दिगंबर समाज के अध्यक्ष दिलीप विनायका, संरक्षक व्यापारसंघ केवलचन्द लुहाड़िया, महावीर जैन मंदिर अध्यक्ष महेंद्र ठोरा, राजकुमार गंगवाल, धर्मेंद्र लुहाड़िया, कमल लुहाड़िया,निर्मल सांवला, विजय हरसोरा, देवेंद्र जैन, स्थानकवासी श्री संघ से मंत्री अजीत पारख, रूपचंद रूप श्री, संजय बीजावत,संदीप पतीरा, जैसलमेर ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी सुभाष बाफना,दिलीप तिल्लानी, पदमचंद छाजेड़, राजेंद्र रांका, प्रदीप चतर,सुधीर पारख, रवि बाफना, राजकुमार बोथरा, सुरेंद्र रांका, सुशील गोखरू, विनोद डोसी,मोहित छाजेड़, पुरुषोत्तम मोरावाल, सहित सैकड़ो समाज जन और महिला मंडल उपस्थित रहे। भानपुरा जहां दोनों साध्वियों ने चातुर्मास किया वहां से आशा चोरडिया और बबीता गांग उपस्थित हुई।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312
