द्वय मुनिराज का चन्द्रोदय तीर्थ चांदखेड़ी हुआ मंगल प्रवेश एवम सानिध्य में हुआ आचार्य पदारोहण दिवस
चांदखेड़ीसवाईमाधोपुर से चातुर्मास के पश्चात इटावा व बारां होते हुए विहार करकेसमाधिस्थ आचार्य संतशिरोमणि 108 श्री विद्या सागर जी मुनिराज के सुयोग्य शिष्य 108 श्री नीरज सागर व 108 श्री निर्मद सागर जी महाराज का मंगल प्रवेश आज चन्द्रोदय तीर्थ चांदखेड़ी की पावन धरा पर हुआ।
मुनिश्री ने नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए एवं नगर मे स्थित द्वय जिनालयों के दर्शन करते हुए चन्द्रोदय तीर्थ मे प्रबंध कार्यकारिणी के द्वारा भव्य अगवानी के साथ मंगल प्रवेश किया।

सर्वप्रथम क्षेत्र पर मुनिश्री ने नित्य अभिषेक शान्तिधारा को सम्पन्न कराते हुए बडे बाबा 1008 श्री आदिनाथ भगवान के दर्शन किए तत्पश्चात श्री विद्यासागर प्रवचन हाल मे मुनि द्वय के सानिध्य मे आचार्य श्री विद्यासागर महाराज की पुजन-अर्चन सम्पन्न हुई इसके पश्चात क्षेत्र अध्यक्ष श्री हुकम जैन (काका) ने उदबोधन में कहा की आज में जो कुछ भी हूंं आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज एवं उनके शिष्य मुनिपुंगव श्री सुधासागर जी मुनिराज के आशिर्वाद से हूँ।
यह कहते हुए उन्होंने कोषाध्यक्ष श्री गोपाल जैन वकील व महामंत्री श्री नरेश जैन वेद कैलाश जी,अशोक जी व कांसल जी के साथ मुनि श्री नमन करते हुए अपनी पावन देशना समाज को देने के लिए अनुरोध किया।






मुनि श्री निर्मद सागर जी ने अपनी देशना मे कहा की मुनिपुंगव श्री सुधासागर जी महाराज ने इस क्षेत्र का कायाकल्प कर दिया राजस्थान की धरती पर उन्होंने बहुत प्रभावना की है।मुनिश्री नीरजसागर जी महाराज ने आचार्य श्री के पदारोहण सन्दर्भ में कुछ संस्मरण सुनाते हुए बताया कि आचार्य श्री ज्ञानसागर जी महाराज ने मुनि विद्यासागर को आचार्य पद देते हुए अपने मान को पूर्णरूप से गलित कर दिया था विश्व में मान को समाप्त करने का दुसरा उदाहरण नहीं मिलता।
दोपहर के सत्र मे द्वय मुनिराज के सानिध्य में आचार्य छत्तीसी विधान सम्पन्न हुआ।मंच सज्जा व पुजन सामग्री सज्जा का कार्य ब्रह्मचारिणी श्री उषा दीदी व महिला महासमिति खानपुर चांदखेड़ी के द्वारा की गई।
प्रशांत जैन से प्राप्त जानकारी के साथ अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपॉर्ट 9929747312
