आचार्य रयणसागर महाराज की प्रतिमा होगी स्थापित
सागवाड़ा
सागवाड़ा के लोहारिया तालाब की पाल पर स्थित भगवान ऋषभदेवपग़ल्याजी प्राचीन जैन मंदिर में आचार्य रयणसागर महाराज की प्रतिमा की स्थापना शुक्रवार को होगी।
एक परिचय
आचार्य रयणसागर महाराज का जन्म सागवाड़ा में


5 जुलाई 1955 को हुआ था और उनकी समाधि
पाली जिले की जैतारण तहसील के आनंदपुर
कालू गांव में 23 नवंबर 2020 को हुई थी। सकल दिगंबर जैन समाज सागवाड़ा की ओर से मुनि श्री आज्ञासागर महाराज संघ सानिध्य में विधि विधान के साथ आचार्य श्री की श्वेत पाषाण से निर्मित प्रतिमा व चरण चिन्ह की प्रतिष्ठापना की जाएगी।
दो दिवसीय प्रतिष्ठा महोत्सव के तहत गुरुवार की सुबह में नगर की दिगंबर जैन बोर्डिंग से मुनि संघ सानिध्य में गाजे बाजे के साथ शोभायात्रा निकाली जाएगी शोभायात्रा के पग़ल्याजी मंदिर पहुंचने पर भूमि शुद्धि, मंडप शुद्धि के बाद डॉक्टर धीरज जैन व डॉक्टर कृतिका जैन की ओर से ध्वजारोहण होगा। इसके उपरांत जिनेंद्र भगवान का अभिषेक व शांति धारा की जाएगी। शांतिनाथ विधान याग मंडल विधान पर सोधर्मइंद्र, यज्ञ नायक, ईशान इंद्र, कुबेर आदि अष्ट द्रव्य श्रीफल समर्पित कर अर्ध समर्पित करेंगे एवं सभी भक्तों के साथ महामंडल विधान आयोजित होगा। मंगल आरती के उपरांत मुनि श्री के सानिध्य में मंत्र संस्कार के साथ प्रतिष्ठा विधि की जाएगी। सर्व शांति महायज्ञ की पूर्णाहुति के बाद मंदिर परिसर में निर्मित स्मृति छतरी में आचार्य श्री की प्रतिमा व चरण चिन्ह की स्थापना की जाएगी।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
