जैन धर्म के जयकारों की गूंज के साथ आर्यिका वर्धस्व नंदनी माताजी ससंघ का हुआ मंगल प्रवेश
कामां
दिगम्बर जैन आचार्य वसुनंदी महाराज की सुशिष्या धर्म वत्सल प्रभाविका जैन साध्वी आर्यिका वर्धस्व नंदनी माताजी का नो साध्वियों सहित कामां कस्बे में मंगल पदार्पण हुआ तो जैन समाज कामां द्वारा अध्यक्ष अनिल जैन के नेतृत्व में पाद प्रक्षालन व आरती कर भावभीनी आगवानी महावीर पार्क पर की गई।
जैन समाज से प्राप्त सूचना के अनुसार आर्यिका संघ का अल सुबह जैन धर्म के अंतिम अनुबद्ध केवली भगवान जम्बू स्वामी तपोस्थली बोलखेड़ा से पद बिहार हुआ तो वहीं युवाओं ने पद बिहार में साथ चलकर जैन धर्म के नारों से वातावरण गुंजायमान कर दिया जैसे ही महावीर पार्क पर आर्यिका संघ का पदार्पण हुआ तो जैन समाज ने अगवानी कर बैंड बाजो के साथ विजयमती त्यागी आश्रम कामां तक प्रवेश कराया।
इस अवसर पर पूज्य आर्यिका श्री वर्धस्व नंदनी माताजी ने श्रद्धालुओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि जीव दो प्रकार के होते हैं संसारी और मुक्त और संसार में दो तरह जीव रहते है भव्य और अभव्य,भव्य जीव ही देव शास्त्र और गुरु पर सच्चा श्रद्धान रख सकता हैं। भव्य जीव ही चतुरविध संघ को आहार दे सकता है, सिद्ध क्षेत्रों कि वंदना कर सकता,माताजी ने दोनों में अंतर स्पष्ट करते हुए कहा कि चाहे कितने ही भव गुजर जाएं अभव्य कभी भव्य नहीं बन सकता है कभी संसार सागर को पार नहीं कर सकता है।माताजी ने कहा कि आप लोग बहुत ही पुण्यशाली हैं कि आपको जिनवाणी श्रवण करने का अवसर मिल रहा हैं, आहार देने का अवसर मिल रहा है सभी को समय का सदुपयोग करना चाहिए।
जैन समाज कामां को धर्म वृद्धि का आशीर्वाद देते हुए कहा कि कामां समाज कर्तव्यनिष्ठ व धार्मिक भावनाओं से ओत प्रोत तो है ही,साथ ही यहां के युवाओं में अतिउत्साह व समर्पण दृष्टिगोचर होता है जो सराहनीय है। इस अवसर पर तिजारा,अजमेर,बाड़मेर से पधारे अतिथियों का समाज द्वारा अभिनंदन भी किया गया।
संजय जैन बडजात्या कामां से प्राप्त जानकारी के साथ अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312
