काम बुरा नहीं है कामुकता बुरी है शक्ति का मूल स्त्रोत ब्रह्मचर्य है ” : मुनि श्री 108 शाश्वत सागर जी महाराज

धर्म

” काम बुरा नहीं है कामुकता बुरी है शक्ति का मूल स्त्रोत ब्रह्मचर्य है ” : मुनि श्री 108 शाश्वत सागर जी महाराज

कोटा :
दिनाक:11 नवम्बर अष्टानिका पर्व व श्री इन्द्रध्वज मण्डल विधान के चोथे दिन नसिया जी जैन मंदिर दादाबाड़ी कोटा में परम पूज्य आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज के शिष्य मुनि श्री 108 शाश्वत सागर जी महाराज ने प्रवचन में कहा अष्टानिका पर्व में धर्म किया जाए तो अनन्त गुणी कर्मो की निर्जरा होती है जीवन बहुत छोटा है संसार बहुत बडा है इसमें से सार की वस्तु निकालना अत्यन्त कठिन है उस सारवान वस्तु को खोजकर प्राप्त करता है तत्वदर्शी बनना है स्व पर उपकार करना है दुसरे के उपर उपकार भी वो ही कर सकता जो स्वंय के उपर उपकार करता है ज्ञान तो पुरे जीवन ही जीव प्राप्त करता है लेकिन सम्यकज्ञान प्राप्त करने पर ही कल्याण सम्भव है शक्ति का मूल स्त्रोत ब्रह्मचर्य है काम बुरा नहीं है कामुकता बुरी है कामुकता से शरीर का क्षरण होता है शरीर की शक्ति कम होगी और शरीर का क्षरण होने ने जान की शक्ति कमजोर होगी जहा शील नहीं है वहा सम्यक ज्ञान नहीं होगा ब्रह्मचर्य व्रत शक्ति है इससे भगवान बना जाता है लेकिन वर्तमान समय में जीव ने यह व्रत नष्ट करके अपनी शक्ति खतम कर ली है ज्ञान श्रद्धा को मजबूत करके चारित्र की और ले जाता है धन के माध्यम से परोपकार्य के काम करके भी धर्म किया जा सकता है। अपना जीवन सुधारने के लिए जल्दी सोता एवं जल्दी उठना चाहिए आदमी सुर्योदय के बाद उठता है तो वह अपने भाग्य को दुर्भाग्य में बदल लेता है रात्रि भोजन बीमारी का कारण बनता है जो रात में भोजन करता है उसका भोजन रात भर व शरीर में सड़ता है और इससे स्वास्थ्य खराब होता है अत: भोजन सुर्यास्त से पहले पहले कर लेना चाहिए | सुर्यास्त पूर्व भोजन करने की धर्म व साइंस भी दृढ़ता से कहता है यदि आप उत्तम स्वास्थ्य चाहते हो तो

 

मुख्य सयोजक (विधान) धर्मचन्द धनोप्या अलोद वालो ने बताया कि
पुण्योदय क्षेत्र में बड़े बाबा 1008 आदिनाथ भगवान के व मुनि श्री 108 शाश्वत सागर जी महाराज के सनिध्य में 25 वर्ष में पहली बार 100 इन्द्र-इंद्राणियों के द्वारा विधान पूजा का अकृत्रिम चैत्यालयों में ध्वजा चढ़ाना महान पुण्य का बन्ध करने वाला बताया आज 78 अचलमेरू 80 अकृत्रिम चैत्यालयों के 6 पूजा के माध्यम से इंद्र परिवारों द्वारा 78 आकर्षक ध्वजाये चढ़ाई गई

 

 

निदेशक हुकम जैन काका ने बताया कि संपूर्ण विधान की क्रिया विद्वान व्याख्याता हेमंत शास्त्री के मार्गदर्शन में हो रही है सतेन्द्र जैन एंड पार्टी का मधुर स्वर संगीत दे रहे हें।

अध्यक्ष जम्बू जैन सर्राफ ने बताया कि श्रीमान प्रेमचन्द जी शाह माणक बाई शाह एवं समस्त शाह परिवार द्वारा श्री इंद्रध्वज महामंडल विधान की सामूहिक महाआरती संगीत मय करवाई गई प्रश्न मंच प्रतियोगिता के गिफ्ट पुण्यार्जक श्रीमती भवि, चारुल शाह की ओर से दादीजी श्रीमती मानक बाई के जन्म दिन के उपलक्ष्य में विजेता को दिए गए
अर्चना जैन (रानी) सर्राफ ने बताया कि साय कालीन आचार्य भक्ति जिज्ञासा समाधान महाराज श्री की भक्तामर पाठ एवं भक्तामर महाआरती फिर भैया जी के प्रवचन किये गए आशा हरसोरा, इंद्रा बरमुंडा ने शास्त्र भेट किया

कोषाध्यक्ष मनीष जैन मोहिवाल ने बताया कि इस अवसर पर राजेन्द्र हरसोरा, महावीर सिद्धार्थ मित्तल त्रिलोक डूंगरवाल, अशोक खादी, अजय कन्जोलिया राजेन्द्र राजेश गुड सुमित सेंकी, हेंमत जैन,नरेश आवा, जिनेन्द्र सबदरा, अक्षय बाबरिया और कार्यकारणी व महिला मण्डल की अनेक महिलाये एवम समाज जन उपस्थित थे।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *