मुनि श्री योग सागर महाराज ने सड़क दुर्घटना में घायल गोवंश के निकट जाकर उन्हें णमोकार मंत्र सुनाया मांस बेचा जा रहा है विदेश में भेजा जा रहा है यह धर्म विरुद्ध है इसे बंद होना चाहिए योगसागर महाराज
रहली
निर्यापक मुनिश्री 108 योग सागर महाराज संघ सहित विद्यासागर दयोदय केंद्र गौशाला पहुंचे। जहां समस्त संघ ने गौशाला का निरीक्षण करते हुए सड़क दुर्घटना में घायल गोवंश के निकट जाकर उन्हें णमोकार मंत्र सुनाया।
मुनि संघ ने गोमाता, आवास, भूसा, गोदाम, खादप्रसंस्करण, पशु चिकित्सा कक्ष छाया के लिए बनाया बगीचा, वृहद वृक्षारोपण एवं भगवान महावीर स्वामी की गौशाला में रखी जाने वाली प्रतिमा वह स्थल का निरीक्षण किया। एवं गौशाला संचालक और समस्त समिति के सदस्यों की सराहना की।

पूज्य मुनिश्री 108 योग सागर महाराज ने अपने मार्मिक एवं प्रेरणादायक उद्बोधन में कहा कि सब धर्म में दया को धर्म का मूल बताया है। आचार्य विद्यासागर ने लगभग 30 साल पूर्व गौशाला के संरक्षण हेतु उपदेश देना शुरू किया था इसके बाद उन्होंने प्रेरणा देकर गौशाला खुलवाई। महाराज श्री ने कहा कि जैन धर्म में दया धर्म की सूक्ष्म विवेचना कि है, उन्होंने कहा आप जियो और दूसरों को भी सुख शांति से जीने दो। स्वयं कष्ट की अनुभूति करते हुए मन, वचन, काया से किसी को भी दुख न पहुंचाना ही मूल दया धर्म है।
गाय एवं गौ माता के विषय में महाराज श्री ने कहा कि गाय हमारी समृद्धि संस्कृति का प्रतीक रही, गाय को गौ माता कहा गया है गाय में देवताओं का वास बताया है। उन्होंने कड़ी चिंता व्यक्त करते हुए एवं कटाक्ष करते हुए कहा कि फिर भी देश में गाय काटी जा रही है, मांस बेचा जा रहा है, विदेश में भेजा जा रहा है, यह धर्म विरुद्ध है इसे बंद होना चाहिए।


मुनि श्री ने सड़कों पर दुर्घटना में घायल पशुओं की सूचना मिलने पर युवा टीम द्वारा मौके पर ही उनका इलाज करने तथा गौशाला में लाकर उन्हें स्वस्थ बनाने का प्रयास करने वाले युवा टीम के सदस्य पप्पू रमखिरिया, अमन जैन सहित सभी युवाओं की सराहना करते हुए कहा कि पशुओं की सेवा सबसे बड़ा धर्म है।



इस अवसर पर पूज्य मुनि श्री 108 निरोग सागर महाराज ने कहा कि जैन धर्म का मूल ही दया है, जिसके परिपेक्ष में गुरुदेव ने देशभर में 171 गौशालाएं प्रारंभ कराई हैं। जिनका कुशल संचालन जैन समाज द्वारा किया जा रहा है। इसमें सभी समाजों का योगदान रहता है। इन गौशालाओं को सुदृढ़ बनाने युवाओं को आगे आना चाहिए। प्रत्येक परिवार में प्रतिदिन अपने खर्चे में से एक छोटा सा हिस्सा गोसंरक्षण के लिए रखना चाहिए। गौ सेवा के लिए प्रतिदिन कम से कम एक घंटा समय दान देने के लिए भी प्रेरित किया।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
