विमलप्रभा माताजी संघ पिच्छिका परिवर्तन हुआ संपन्न पिच्छि संयम का प्रतीक है विमलप्रभा माताजी
रामगंजमंडी
परम पूजनीय पट्ट गणिनी आर्यिका 105 विमलप्रभा माताजी संघ का संयम उपकरण पिच्छिका परिवर्तन समारोह भक्ति उल्लास के साथ संपन्न हुआ।
आयोजन के क्रम में सर्वप्रथम परम पूजनीय प्रथम गणिनी आर्यिका विजय मति माताजी के चित्र का अनावरण एवम दीप प्रज्वलन किया गया। जो बाहर से पधारे हुए अतिथियों द्वारा किया गया। आयोजन की शुरुआत में हाटपिपल्या से आई रुचि टोंग्या ने मंगलाचरण प्रस्तुत करते हुए संगीत स्वर लहरियो के साथ पिच्छिका का वर्णन किया। समारोह का संचालन महामंत्री राजकुमार गंगवाल ने किया एवं आयोजन में संगीत
स्वर लहरियां श्रीमान हरीश जैन एंड पार्टी पिड़ावा ने बिखेरी। संयम के उपकरण पिच्छिका परिवर्तन समारोह में काफी उमंग एवं उल्लास देखा गया।






इस अवसर पर भक्ति भाव एवं उल्लास के साथ परम पूजनीय विमल प्रभा माता जी का पाद प्रक्षालन एवं शास्त्र भेंट करने का परम सौभाग्य। श्रीमान रमेशकुमार जितेंद्र कुमार विनायका परिवार को मिला। क्षुल्लिका 105 सुमैत्रीश्री माताजी को शास्त्र भेंट एवम पुरानी पिच्छिका प्राप्त करने एवम नवीन पिच्छिका भेट करने का सौभाग्य श्रीमान दिलीप कुमार विनायका परिवार रामगंजमंडी को मिला।क्षुल्लिका 105 विनीतप्रभा माताजी को शास्त्र भेट, वस्त्र भेंट करने पुरानी पिच्छिका प्राप्त करने एवम नवीन पिच्छिका प्रदान करने का सौभाग्य भागचंद जी शर्मिला जी पहाड़िया परिवार को प्राप्त हुआ। आर्यिका 105 विजय प्रभा माताजी को शास्त्र भेंट, वस्त्र भेट करने के साथ
पुरानी पिच्छिका प्राप्त करने का एवम नवीन पिच्छिकाप्रदान करने का सौभाग्य त्रिलोक कुमार मयंक कुमार सांवला परिवार को प्राप्त हुआ। इस अवसर पर चातुर्मास में अनुकरणीय सेवा देने वालों का भी सम्मान किया गया एवं समाज के संरक्षक अजीत सेठी ने सभी के सहयोग का आभार प्रेषित करते हुए माताजी संघ से क्षमा याचना की।।
परम पूजनीय पट्ट गणिनी आर्यिका 105 विमलप्रभा माताजी की पुरानी पिच्छिका प्राप्त करने एवम नवीन पिच्छिका प्रदान करने का सौभाग्य श्रीमान अजीत कुमार राजेश कुमार सेठी परिवार को प्राप्त हुआ। सभी भक्ति भाव से नृत्य करते हुए नवीन पिच्छिका भेट करते हुए गुरु मां से पुरानी पिच्छिका प्राप्त कर रहे थे इस दौरान मंदिर परिसर का वातावरण भक्ति से ओतप्रोत रहा इस अवसर पर वर्षा योग में स्थापित किए गए मंगल कलश भी सभी को प्रदान किए गए।

इस अवसर पर माताजी ने रामगंज मंडी में हुए वर्षायोग को ऐतिहासिक बताया और पिच्छिका का महत्व समझाया उन्होंने कहा कि रामगंज मंडी का चातुर्मास ऐतिहासिक एवं स्वर्णिम है। उन्होंने कहा कि तत्वज्ञान के बिना मोक्ष प्राप्त नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि आहार दान में चारों दान शामिल है। यहां के युवाओं ने भी तन मन धन से भक्ति की है। उन्होंने कहा कि संयम के बिना मुक्ति नहीं पिच्छिका संयम का प्रतीक है। घातिया कर्म को नष्ट करने के लिए l पिच्छिका होती है। उन्होंने पिच्छिका के विषय में बताया कि यह सुकोमल होती है। और पसीना भी जल्दी सोख लेती है। जिस प्रकार साधु में मृदुता होती है उसी प्रकार यह पिच्छिका होती है। जीवन में इस प्रकार लघुता आए
जिससे कषाय भाव हट जाए और इसे हटाने के लिए प्रयत्नशील रहे तप को पनपाना रत्नत्रय को पनपाना है। उन्होंने कहा कि
पिच्छिका कोई मामूली चीज नहीं है यह सुदृढ़ है। और यह मोक्ष मार्ग की ओर अग्रसर करती है। साधु की संगति से जीवन
निखरता है। इस अवसर पर सभी अतिथियों का स्वागत सम्मान संरक्षक अजीत सेठी, अध्यक्ष दिलीप कुमार विनायका, उपाध्यक्ष चेतन बागड़ियां, कमल लुहाड़िया, महामंत्री राजकुमार गंगवाल द्वारा किया गया।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट9929747312
