संकल्प ही सकलीकरण है प्रमाण सागर महाराज

धर्म

संकल्प ही सकलीकरण है प्रमाण सागर महाराज
इंदौर
“संकल्प” ही “सकलीकरण” है भाव विशुद्धि के साथ मन वचन और शरीर की प्रसन्नता बनी रहे,आपके धर्मिक कार्य में कोई विघ्न न आए कषाय की हानि हो, इसलिये “सकलीकरण” किया जाता है”

उपरोक्त उदगार मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज ने विजय नगर इंदौर मेंआगामी 7 नवंबर से 15 नवंबर तक होने वाले श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान के पात्रों का सकलीकरण कराते हुये मोहताभवन में व्यक्त किये।

 

 

मुनि श्री ने कहा वे लोग भाग्यहीन होते है जिनके पास अनुकूल संयोग होंने पर भी प्रमादवश धार्मिक कार्यों में धर्मलाभ नहीं ले पाते, उन्होंने कहा कि ऐसे अनुकूल संयोग बहुत ही पुण्य योग से मिला करते है, उन्होंने कहा कि पाप के कार्य हों तो भले ही पीछे रह जाना लेकिन परमार्थ का काम हो तो सबसे आगे बढ़कर रहना चाहिए।उन्होंने कहा कि श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान की महिमा को प्रत्येक जैन परिवार जानता है ऐसे पुण्य के संयोग और ऐसी उत्तम सामग्री, उत्तम सत्त के साथ साथ उत्तम “श्रद्धा” का होना भी आवश्यक है

,उदाहरण देते हुये कहा कि “श्रद्धा” के बल पर ही वह मेढक मुख में पाखुड़ी दबाए भगवान महावीर के समवसरण की ओर निकला था लेकिन राजा श्रैणिक के हाथी के नीचे आ गया वह भले ही शरीर से न पहुंच पाया हो लेकिन देव पर्याय के साथ भगवान महावीर के समवसरण में राजा श्रैणिक से पहले पहुंच गया, इसलिए “परमार्थ” के काम में कभी धन का गुणाभाग मत लगाना अपने दृष्टिकोण को हमेशा सकारात्मक रखना “श्रद्धा” के बल पर ही एकलव्य ने द्रोणाचार्य से वह सब कुछ सीख लिया था जो अच्छे अच्छे भी नहीं सीख पाये थे,दक्षिण में राजा चामुण्डराय ने इतने बडे़ भगवान बाहुबली की प्रतिमा का निर्माण कराया लेकिन अभिषेक का पुण्य उस गुल्लिका की लुटिया को मिला।इसलिये संयोग साधन के साथ साथ श्रद्धा का होंना बहूत जरूरी है,

 

मुनि श्री ने संपूर्ण भारत एवं विदेश में रहने वाले सभी श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देते हुये कहा कि जो लोग प्रत्यक्ष में भाग नहीं ले पा रहे है वह सभी “ओन लाईन” इस विधान में हिस्सा ले सकते है अपने अपने घर पर ही पूरी शुद्धता के साथ “विधान” में भाग लीजिये जिस घर में सिद्धचक्र के मंत्र गूंजेगे उस घर की सारी अलाह बलाह अपने आप समाप्त हो जाएगी।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *