आचार्य श्री समय सागर जी महाराज से सात युवकों ने लिया आजीवन ब्रह्मचर्य व्रत ब्रह्मचर्य व्रत लेने वाले में डॉक्टर एवं युवा भी शामिल
खजुराहो
स्वर्णोंदय अतिशय क्षेत्र खजुराहो में परम पूज्य आचार्य श्री 108 समय सागर जी महाराज का वर्षायोग सानंद संपन्न होने जा रहा है।
गुरु पुष्य नक्षत्र के दिन आचार्य श्री के समक्ष वैराग्य का दिन हो गया जी हां गुरुवार की बेला में सात युवाओं ने संसार मोह माया से विरक्त लेकर आचार्य श्री के समक्ष आजीवन ब्रह्मचर्य व्रत ग्रहण किया।
इन ब्रह्मचारी भैया ने गुरुजी की आज्ञा के अनुसार संपूर्ण परंपराओं को पूरा किया इन सात भैया में विश्वास भैया गंजबासौदा, रितिक भैया जबलपुर, आकाश भैया खुरई, राज भैया टीकमगढ़, ज्ञापक भैयाविदिशा, यश भैया विदिशा, आदित्य भैया विदिशा शामिल है।







यह बहुत ही चकित कर देता है कि उच्च पदों पर होने के बावजूद और उच्च शिक्षा के बावजूद इन्होंने संसार मोह माया को नश्वर माना यदि हम गौर करें तो इन सात भैया में 27 वर्षीय यश भैया एक डॉक्टर हैं उन्होंने एमबीबीएस की डिग्री पूरी कर ली है। वही ज्ञापक भैया ने इंग्लिश में एमए किया है एवं क्लैट क्वालीफाई है।
इसके साथ है विदिशा के तीनों भाइयों ने एक साथ ब्रह्मचर्य व्रत लिया है आकाश भैया और विश्वास भैया ने बीई करके एमएनसी में जॉब कर चुके हैं। वही रितिक भैया और आदित्य भैया ने चार्टर्ड अकाउंटेंट करने के बाद सब कुछ त्याग कर दिया। जो अपने आप में हमें भी चकित कर देता है।
आईआईटी एम टेक करने वाले राज भैया ने मल्टीनेशनल कंपनी का हाईprifile प्रपोजल का जॉब छोड़कर ब्रह्मचर्य को ही मार्ग माना। गुरुपुष्य योग, सर्वार्थ सिद्धि योग, एवं अमृत सिद्धि योग में सात भैया ने ब्रह्मचर्य व्रत धारण किया है। मैं 7 भया में विदिशा के दो भाई भी शामिल हैं जिसमें आदित्य भैया 30 वर्ष, यश भैया 27 वर्ष और ज्ञापक भैया 25 तीनों भाईयो ने सब कुछ त्याग कर अब वैराग्य की ओर कदम बढ़ा दिया है।
निश्चित रूप से आज वह कथन पुनः साबित हो रहे हैं कि जीवन के पल में वैराग्य उपज सकता है, बिन कारण दीक्षा लेता कोई पूर्व जन्म का त्यागी।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
