आचार्य श्री प्रज्ञा सागर महाराज सानिध्य में कल्पतरु पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर का शिलान्यास समारोह संपन्न आज का दिन भोग व नाश का न होकर दान का है प्रज्ञा सागर महाराज
झालरापाटन।
कल्पतरु पार्श्वनाथ 20 पंथी मंदिर के तत्वाधान में गुरुवार को दिगंबर जैन समाज के अति प्राचीन जिनालय कल्पतरु पार्श्वनाथ नसिया के नए मंदिर का शिलान्यास समारोह आयोजित किया गया।
तपोभूमि प्रणेता एवं पर्यावरण संरक्षक आचार्य प्रज्ञा सागर महाराज के सानिध्य में गुरुवार सुबह गुरु पुष्य नक्षत्र योग में सुबह 11 बजे नसियां परिसर में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिष्ठाचार्य हरियाणा के गुरुग्राम निवासी मुकेश शास्त्री के निर्देशन में मंदिर निर्माण का गुजरात के बड़ौदा निवासी मदन भाई रेखा बेन हुमड़ ने शिलान्यास किया।
प्रवक्ता यशोवर्धन बाकलीवाल ने बताया कि यहां पर 10 हजार 800 वर्ग फीट क्षेत्र में एक मंदिर, त्रिकाल चौबीसी, कल्पवृक्ष के नीचे कल्पतरु पार्श्वनाथ भगवान की वेदी, नवग्रह मंदिर का निर्माण कराया जाएगा। जिसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। इस मौके पर समाज के 101 लोगों ने प्रति व्यक्ति 11 हजार रुपए सहयोग राशि भेंट की। कार्यक्रम में स्थानीय समाज के लोगों के अलावा झालावाड़, कड़ोदिया, पिडावा, भवानीमंडी, खानपुर, रटलाई, कोटा, मध्य प्रदेश के सुसनेर, उज्जैन, इंदौर के लोगों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया।

दान हमारी स्वयं मुक्ति का कारण है प्रज्ञा सागर महाराज






इस अवसर पर आचार्य श्री प्रज्ञा सागर महाराज ने कहा कि दान हमारी स्वयं की मुक्ति का कारण है। धन की गति तीन प्रकार की होती है। इनमें दान, भोग व नाश है। उन्होंने कहा कि आज का दिन भोग व नाश का न होकर दान का है। हमें अपनी चंचला
लक्ष्मी से मूर्ति दान और वेदी दान करके अपने रुपए का दान करना है, यह हमारी स्वयं की मुक्ति का कारण है। उन्होंने बताया कि यहां पर शीघ्र ही मंदिर का निर्माण पूरा होगा और उसका पंचकल्याणक करवाया जाएगा।
नलिन जैन लुहाड़िया से प्राप्त जानकारी
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
