प्रथमाचार्य श्री शांति सागर जी महाराज की प्रतिमा समवशरण मंदिर में आचार्य संघ सानिध्य में विराजित
पारसोला। प्रथमाचार्य श्री शांति सागर महाराज जी का आचार्य पद शताब्दी प्रतिष्ठापना परंपरा के पंचम पट्टाघीश वात्सल्य वारिघि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज के 55 से अधिक साधुओं के सानिध्य में विगत सप्ताह सानंद भव्यतापूर्ण के साथ संपन्न हुआ। आचार्य श्री शांति सागर जी महाराज की पद्मासन प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा विगत दिनों आचार्य श्री द्वारा त्रि दिवसीय कार्यक्रम में की गई। स्थानीय समवशरण मंदिर में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी संघ सानिध्य में पुण्यार्जक मनोज , मोहित प्रेम कुमार परिवार जयपुर द्वारा प्रतिष्ठाचार्य हंसमुख जी शास्त्री के निर्देशन में मंत्रोच्चार पूर्वक विराजित की गई। उल्लेखनीय है कि आचार्य श्री शांति सागर जी महाराज को आचार्य पद सन 1924 में प्राप्त होने से आचार्य श्री वर्धमान सागर जी की प्रेरणा से पूरे भारत में एक वर्ष का शताब्दी महोत्सव का शुभारंभ विगत दिनों पारसोला से हुआ है। चातुर्मास समिति अध्यक्ष ऋषभ पचोरी एवं समाज अध्यक्ष जयंतीलाल कोठारी के अनुसार शताब्दी महोत्सव में आए उपसंघ के मुनि अपूर्व सागर जी, अर्पित सागर जी संघ का मंगल विहार पारसोला से सलूंबर चातुर्मास स्थल के लिए हुआ। इसके पूर्व उपसंघ मुनि श्री पुण्य सागर जी महाराज का भी बिहार चातुर्मास स्थल धरियावद के लिए हो चुका है। ब्रह्मचारी गज्जू भैया एवं राजेश पंचोलिया अनुसार सन्मति भवन में आचार्य संघ के सानिध्य में अभिषेक ,प्रवचन ,स्वाध्याय गुरु वंदना आरती भक्ति हो रही है।प्रथमाचार्य श्री शांति सागर महाराज जी का आचार्य पद शताब्दी प्रतिष्ठापना परंपरा के पंचम पट्टाघीश वात्सल्य वारिघि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज के 55 से अधिक साधुओं के सानिध्य में विगत सप्ताह सानंद भव्यतापूर्ण के साथ संपन्न हुआ। आचार्य श्री शांति सागर जी महाराज की पद्मासन प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा विगत दिनों आचार्य श्री द्वारा त्रि दिवसीय कार्यक्रम में की गई। स्थानीय समवशरण मंदिर में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी संघ सानिध्य में पुण्यार्जक मनोज , मोहित प्रेम कुमार परिवार जयपुर द्वारा प्रतिष्ठाचार्य हंसमुख जी शास्त्री के निर्देशन में मंत्रोच्चार पूर्वक विराजित की गई। उल्लेखनीय है कि आचार्य श्री शांति सागर जी महाराज को आचार्य पद सन 1924 में प्राप्त होने से आचार्य श्री वर्धमान सागर जी की प्रेरणा से पूरे भारत में एक वर्ष का शताब्दी महोत्सव का शुभारंभ विगत दिनों पारसोला से हुआ है। चातुर्मास समिति अध्यक्ष ऋषभ पचोरी एवं समाज अध्यक्ष जयंतीलाल कोठारी के अनुसार शताब्दी महोत्सव में आए उपसंघ के मुनि अपूर्व सागर जी, अर्पित सागर जी संघ का मंगल विहार पारसोला से सलूंबर चातुर्मास स्थल के लिए हुआ। इसके पूर्व उपसंघ मुनि श्री पुण्य सागर जी महाराज का भी बिहार चातुर्मास स्थल धरियावद के लिए हो चुका है। ब्रह्मचारी गज्जू भैया एवं राजेश पंचोलिया अनुसार सन्मति भवन में आचार्य संघ के सानिध्य में अभिषेक ,प्रवचन ,स्वाध्याय गुरु वंदना आरती भक्ति हो रही है। संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
