आचार्य श्री शांति सागर जी महाराज के जीवन कृतित्व पर आधारित नाटिका एवं बाल विवाह सामाजिक बुराई के साथ पर्यावरण संरक्षण के विषय में पर भी नाटिका की हुई प्रस्तुति
नीमच
चारित्र चक्रवर्ती आचार्य श्री शांति सागर महाराज की जीवन कृतित्व पर एक अद्भुत एवं अलौकिक नाटिका की प्रस्तुति दी गई।
नाटिका की प्रस्तुति में सो जागे भवसागर तर जावे जो शांति सागर की शरण में आएगा वह तर जाएगा, सुखों के सागर शांति सागर जीवन के आधार हैं, गुरु महान है, जैसे अलौकिक गीतों की रचनाओं की प्रस्तुति के साथ आचार्य श्री शांति सागर महाराज के जीवन
कृतित्व पर आधारित एक नाटिका का अलौकिक मंचन किया गया। जो सभी का मन मोह गई। और सभी ने आचार्य श्री के जीवन के विषय में जाना।परम पूज्य मुनिश्री 108 वैराग्य सागर महाराज,
सुप्रभसागर महाराज सानिध्य में दिगंबर जैन समाज शांति वर्धन पावन वर्षा योग समिति के तत्वाधान में जैन मांगलिक भवन में यह प्रस्तुति दी गई। इस अलौकिक नाटिका का निर्देशन चंदन दीदी, संध्या दीदी जबलपुर प्रियंका विनायका, एवम आभा विनायका के कुशल निर्देशन में हुआ। इसी के साथ बाल विवाह एक सामाजिक बुराई है इस नाटिका का भी प्रस्तुतिकरण दिया गया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए अनेक गीत एवं भजन की प्रस्तुतियां दी गई। हो रहे आयोजन में समाज जन में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
