25 oct 2017 पूज्य मुनि पुंगव श्री सुधासागर महाराज प्रवचन जीवन की सार्थकता के लिए गुरु जरूरी: मुनि श्री सुधासागर
मदनगंज-किशनगढ़.
पूज्य मुनि पुंगव श्री सुधासागर जी महाराज ने कहा कि भगवान कृपा को नही भगवान को मानो। जीवन में किसी को अपना आदर्श बनाना चाहिए। सही निर्देशन नहीं मिलने पर विकास विनाश में बदल जाता है। जीवन को सार्थक करने के लिए गुरु की आवश्यकता है लेकिन आज स्वयं के स्वार्थ को सिद्ध करने के लिए गुरु बना रहे है जो विनाश का कारण है। मुनिश्री राजस्थान केन्द्रीय विवि बांदरसिंदरी के तत्वावधान में महाकवि आचार्य विधासागरजी महाराज का भारतीय साहित्य एवं संस्कृति को अवदान विषय पर आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी काे संबोधित कर रहे थे।
संगोष्ठी के प्रथम सत्र व दितीय सत्र में अनेक विद्वानों ने श्रमण संस्कृति, स्वदेशी अपनाओं, इंडिया नही भारत बोलो, बेटी बचाओं, भारतीय संस्कृति, हिन्दी भाषा, स्वावलम्बन, शिक्षा, जीव दया पर विचार व्यक्त करते हुए गुरुवर की महिमा का गुणगान किया। मुनि श्री सुधासागर जी महाराज ने विद्वानों के आलेखों की समीक्षा करते हुए आचार्य श्री के जीवन पर प्रकाश डाला। संगोष्ठी के महत्व की जानकारी देते हुए मंगल आर्शीवाद दिया। कार्यक्रम में विद्वानों, अतिथियों का सम्मान धर्म प्रभावना समिति की ओर से किया गया।
आचार्य विधासागर जी महाराज के स्वर्ण संयम महोत्सव पर सर्वोदयी संत अपराजेय साधक विधासागर त्रि प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।
जिसका शुभारम्भ आरके मार्बल परिवार के कंवरलाल, महावीर प्रसाद, अशोक कुमार, सुरेश कुमार, विमल कुमार, सुशीला, शांता पाटनी ने किया। प्रदर्शनी में आचार्यश्री की जीवन पर आधारित चित्रों का प्रदर्शन किया गया। सायं जिज्ञासा समाधान आरती सहित विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस मौके पर अनेक श्रद्धालु मौजूद थे।








