रावण राक्षस नही था, वो ब्राह्मण था लेकिन क्रोध, मान, माया, लोभ आदि कषायो के आधीन होकर जो उसकी प्रवृत्ति मन की हुई वो राक्षसी प्रवत्ति है, आचार्य कनक नदी गुरुदेव
पारडा ईटीवार
पारडा ईटीवार स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में विराजमान वैज्ञानिक धर्माचार्य श्री कनकनंदीजी गुरुदेव ससँघ वर्षायोग सानंद चल रहा है, विजयादशमी के उपलक्ष में सर्व ग्रामवासीयो ने गुरुदेव के चरणों में प्रवचन के लिए निवेदन किया!
गुरुदेव ने सभी भक्तो की भावनाओ का ध्यान रख कर आशीर्वाद दिया, और आज प्रातः ईटीवार ब्राह्मण समाज नोहरे में गुरुदेव ने प्रवचन में बताया की रावण राक्षस नही था, वो ब्राह्मण था लेकिन क्रोध, मान, माया, लोभ आदि कषायो के आधीन होकर जो
उसकी प्रवृत्ति मन की हुई वो राक्षसी प्रवृति है, जबकि शबरी, केवट निम्न जाति के होकर भी उत्कृष्ठ भावो के कारण अनूठी भक्ति का आदर्श स्थापित किया! गुरुदेव ने राम के बारे में बताया की राम सिर्फ अच्छे पुत्र ,अच्छे पति, अनुशासक , मर्यादा पुरुषोत्तम और अच्छे राजा ही नहीं अपितु इससे भी ऊपर जैन दर्शन अनुसार वह अरिहंत सिद्ध हुए !
गुरुदेव ने हनुमान का उदाहरण देते हुए बताया कि सोना चांदी







हीरे मोती इन रतन में राम का वास नहीं है राम अर्थात आत्माराम जिसका ध्यान हर योगी करता है वही आत्मा राम है ! गुरुदेव ने वाल्मीकि रामायण, वशिष्ठ रामायण ,अध्यात्म रामायण ,आनंद रामायण, आदि जैन रामायण ,सब रामायण का अध्ययन गुरुदेव ने किया है और अपने ग्रंथ में भी पद्य रूप में और गद्य रूप में लिखा है और राम पर गुरुदेव की कविता का पाठ मुनि श्री सुविज्ञसागर जी के मुखारविंद से हुआ!

ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष श्रीमान विवेक खैर ने अपने भाव सबके समक्ष रखें और आज जैन समाज के साथ-साथ सर्व समाज में जो प्रदर्शन और दिखावे को लेकर धर्म मानते हैं और व्यर्थ का व्यय करते हैं,उसके प्रति विरोध और अपनी वेदना व्यक्त की!
कार्यक्रम में सभी ग्राम वासियों की उपस्थिति रही इसमें ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष विवेक खैर गणेश, पूंजीलाल देवराम भंवरलाल देवीलाल रमेश कुमार महावीर कुमार विनोद कुमार पवन कुमार जी महेंद्र कुमार मोतीलाल सिंघवी सहित सभी ग्रामवासी उपस्थित रहे और यह जानकारी पंडित कीर्ति कुमार ने दी
विजयलक्ष्मी जैन गोदावत से प्राप्तजानकारी
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
