आचार्य शांति सागर महाराज का शताब्दी समारोह मनायादेव शास्त्र और गुरु पर विश्वास करना – विज्ञा श्री माताजी

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आचार्य शांति सागर महाराज का शताब्दी समारोह मनायादेव शास्त्र और गुरु पर विश्वास करना – विज्ञा श्री माताजी

निवाई :

जैन धर्म के चारित्र चक्रवर्ती प्रथमाचार्य आचार्य शांति सागर महाराज के शताब्दी वर्ष महोत्सव के चलते सहस्त्र कूट जिनालय विज्ञा तीर्थ गुन्सी में भारत गौरव गणिनी आर्यिका विज्ञाश्री माताजी संध के सानिध्य में जैन सोशल ग्रुप प्रज्ञा निवाई के कोषाध्यक्ष गुरुभक्त हितेश छाबड़ा के जन्मदिन के उपलक्ष्य पर वृक्षारोपण कार्यक्रम किया गया जिसमें श्रद्धालुओं ने मुख्य रूप से गुलमोहर, धनिया, का पौधा लगाया।

 

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला प्रमुख सरोज बंसल एवं अध्यक्षता हितेश छाबड़ा एवं विशिष्ट अतिथि कार्यक्रम संयोजक विमल जौंला एवं संजय सोगानी थे। चातुर्मास कमेटी अध्यक्ष सुनील भाणजा ने बताया कि कार्यक्रम से पूर्व अतिथियों ने गुरु मां को श्री फल चडा़या और पूजा अर्चना की। इस दौरान गुरु मां विज्ञाश्री माताजी ने सभी को भरपूर आशीर्वाद प्रदान किया। कार्यक्रम का मंगलाचरण विमल पाटनी शकुंतला छाबड़ा शशी सोगानी वंशिका छाबड़ा एवं अवनी जैन ने किया। इस दौरान सहस्त्र कूट जिनालय विज्ञा तीर्थ गुन्सी कमेटी ने जिला प्रमुख सरोज बंसल जैन धर्म प्रचारक विमल जौंला संजय सोगानी एवं हितेश छाबड़ा का राजस्थानी परम्परा अनुसार स्वागत किया। इस अवसर पर अनेक श्रद्धालुओं ने आचार्य शांतिसागर महाराज की विशेष पूजा अर्चना कर अभिषेक किए। इस अवसर पर गणिनी आर्यिका विज्ञा श्री माताजी ने कहा कि सर्व प्रथम तो अपने स्वभाव पर एवं देव शास्त्र और गुरु पर विश्वास करना दूसरे भगवान की वाणी पर विश्वास रखना और यदि कहीं ऐसा आपके मन में आये कि किसी ने मेरे साथ विश्वासघात किया तो भगवान से उसके मन में सद् बुद्धि जाग्रत होने के लिए प्रार्थना करना क्योंकि समय से पूर्व और भाग्य से अधिक किसी को न आज तक मिला है न भविष्य में मिलेगा।

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