जीवन को सरल बनाता उत्तम सत्य धर्म पं. विश्रुत जैन ‘शास्त्री’
काठमांडू
श्री 1008 आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर काठमांडू नेपाल में चल रहे दस लक्षण महापर्व में प. विश्रुत जैन शास्त्री द्वारा साय शास्त्र सभा में उत्तम सत्य धर्म के बारे में बताया कि
भगवान् महावीर स्वामी को मोक्ष गए लगभग 2549 वर्ष हो गए लेकिन उनके द्वारा बताये गए सिद्धांत अभी तक जीवंत है।

जैन धर्म के सबसे बड़े पर्वों में से एक ‘दशलक्षण महापर्व’ भाद्रपद सुदी चतुर्थी से प्रारंभ हो गये हैं जो दस दिवस तक चलते हैं, इन दिनों समस्त श्रावक-श्राविका पूर्ण रूप से संयम का पालन करते हुए ज्ञान, ध्यान, तप में लीन रहते हैं और धर्म की आराधना करते हैं ।

पर्व के पंचम दिवस ‘उत्तम सत्य’ धर्म के दिन भारत से पधारे पं. विश्रुत जैन ‘शास्त्री’ ( मुंबई ) ने बताया की हमें अपने जीवन में किसी भी प्रकार से कभी भीअसत्य का सहारा नहीं लेना चाहिए ।

क्योंकि फिर बाद में एक झूठ को छुपाने के लिए सौ झूठ बोलने पड़ते हैं । हमारी वाणी से हमेशा हित, मित, प्रिय वचन ही निकलना चाहिए क्यों हमारी वाणी ही एक मात्र ऐसी है जो वीणा और वाण दोनों का काम करती है, अब यह निर्भर हम पर करता है की हमें अपनी वाणी को वाण का रूप देकर दूसरों को दुःखी करना है या फिर वीणा का रूप देकर प्रसन्न ।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
