जंबूद्वीप हस्तिनापुर में प्रज्ञाश्रमणी आर्यिका श्री चंदनामती माताजी का केशलोंच सम्पन्न
हस्तिनापुर
जंबूद्वीप हस्तिनापुर स्थित त्यागी भवन में प्रज्ञा श्रमणी आर्यिका श्री चंदना मति माताजी ने केशलोंच किया। जैन साधु को प्रत्येक साढे 3 महीने में यह क्रिया संपन्न करनी होती है। इस क्रिया में अपने हाथों से अपने केश को उखाड़ना होता है ।
यह क्रिया शरीर से निर्ममता का प्रतीक है आज वर्तमान में सारे देश में लगभग 1650 साधु विद्यमान है जो कि प्रत्येक 3 महीने में क्रिया को संपन्न करते हैं।प्रज्ञा श्रमणी चंदना मति माताजी गणिनी प्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी की प्रथम आर्यिका शिष्या है लगभग 33 वर्ष के दीक्षित जीवन में 100 से भी अधिक केशलोंच आपने अपने हाथों से संपन्न किया है। आपने 1000 से ज्यादा भजनों का निर्माण किया है एवं आपने अनेक पूजा एवं विधानो की रचना की है। साथ ही आपके द्वारा हस्तिनापुर में जंबू द्वीप रचना के निर्माण में आपके द्वारा विशेष सहयोग एवं मार्गदर्शन प्राप्त हुआ है जैन आगम के अनुसार साधु एवं साध्वियो को अपने बालों को इसी प्रकार से निकालना पड़ता है इसी क्रम में आज इस विशेष क्रिया को आपने संपन्न किया यह एक वैराग्य का दृश्य होता है जिसे देख कर के बैराग भावना जागृत होती है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाडीया रामगंजमडी

