तपस्वी नीरज जैन का षोडशकारण व्रत उपरांत पट्ट गणिनी आर्यिका विमलप्रभा माताजी संघ सानिध्य मे हुआ पारणा
रामगंजमंडी
नगर मे दसलक्षण पर्व की बेला मे पट्ट गणिनी आर्यिका 105 विमलप्रभा माताजी,आर्यिका 105 विमलप्रभा माताजी संघस्थ आर्यिका 105 विजयप्रभा माताजी क्षुल्लिका 105 विनीतप्रभा माताजी क्षुलिका105 सुमैत्री श्री माताजी सानिध्य धर्मप्रभावना हुयी और तप आराधना भी सम्पन्न हुयी
एक ऐसी तपस्या हुयी जो युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है खानपुर निवासी श्रीमान पदमकुमार जैन स्वर्गीय श्रीमती सरस्वती देवी जैन के सुपुत्र नीरज जैन ने षोडशकारण व्रत की साधना की जिसका आज पारणा गुरु माँ संघ सानिध्य मे सम्पन्न हुआ जिसमे समाजबन्धुओं ने भी पहुचकर उनके पुण्य की अनुमोदना की
जो तपस्या इनके द्वारा हुयी है वह साधारण तपस्या नहीं है यदि हम गोर करे तो उन्होने 21 एकाशन और 11 उपवास की साधना की ।


और तो और जो एकाशन उन्होने किया वो भी सहज नहीं उन्होने एकाशन मे सिर्फ मूंग की दाल उसमें भी मात्र नमक छोड़कर











सभी मसाले के त्याग, मात्र 3 रस (दूध, मीठा, घी) वो भी वार अनुसार रस त्याग सहित 10 दिन पर्युषण में सभी अन्न के त्याग किया जो 3 एकाशन हुए वो भी मात्र दूध, सूखा मेवा और पानी पर। निश्चित रूप से पंचम युग मे ऐसी साधना दुर्लभ साधना और उत्कृष्ट साधना है । गत वर्ष भी इन्होंने 17 उपवास व 15व्रत की तपाराधना करी थी ।
अभिषेक जैन लुहाड़ीया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312
