क्षमा ज्ञानी का आभूषण है मनीष प्रियंका विनायका

धर्म

क्षमा ज्ञानी का आभूषण है मनीष प्रियंका विनायका
क्षमा बराबर तप नहीं क्षमा धरम आधार
ज्ञानी के भूषण क्षमा क्रोध विनाशन हार
दसलक्षण पर्व सम्पन्न हो गए हम आज परस्पर बैर भाव भुलाकर एक दुसरे से क्षमा याचना करते इस विषय पर जाने माने वास्तु विद वास्तु सर मनीष एवं ज्योतिष प्रियंका विनायका सभी से परस्पर क्षमायाचना करते हुए कहते है की क्षमा शब्द बहुत छोटा है लेकिन इसकी व्यापकता बहुत है और इसमे बड़ा रहस्य छुपा है
इस विषय पर बताते हुए कहते है की मनुष्य के जीवन में क्षमा का बहुत महत्वपूर्ण है। अगर कोई प्राणी गलती कर जाए यदि वो उसके लिए तुरंत माफी मांग ले तो सामने वाले का आक्रोश क्रोध काफी हद तक दूर हो जाता है।

 

 

क्षमा मांगना व्यक्तित्व एक अच्छे गुण को दर्शाता है। उसी प्रकार किसी भी व्यक्ति को क्षमा कर देना भी अच्छे व्यक्तित्व को परिलक्षित करता है। इसके विपरीत यदि आदमी त्रुटी करे

 

 

लेकिन, उस त्रुटी की माफ़ी न मांगे और कोई आदमी माफी मांगने पर भी सामने वाले को माफ न करे तो ऐसे लोगों के व्यक्तित्व में अहंकार संबंधी विकार पैदा हो जाता है। दोनों ही तरह के व्यक्ति अपराध से कभी मुक्त नहीं हो पाते हैं। यदि अपनी त्रुटी पर माफी न मांगना और माफी मांगने पर सामने वाले को माफ न करने का मतलब यही हुआ कि ऐसे व्यक्ति स्वयं से विष पीते हैं।

 

 

इसकी व्यापकता पर इनका कहना है मनुष्य जीवन बहुत विशाल और अजीबो गरीब है। यदि क्षमा मांगने और देने का गुण व्यक्ति में नहीं है तो उनका जीवन बड़ा कष्टकारी बन जाता है। मांगने से

 

 

अहंकार खत्म हो जाता है, जबकि क्षमा करने से संस्कार बनते हैं।

प्रसिद्ध कवि की पंक्तियां
क्षमा वीरों को ही सुहाती है। जो व्यक्ति, सामने वाले को क्षमा कर देते हैं, उसकी चर्चा चारों दिशाओं में फैल जाती है। वे इस विषय पर हमें बताते हैं कि छोटे गलती भी कर दें तो बड़ों को उन्हें माफ कर देना चाहिए। क्षमा को शीलवान का शस्त्र, प्रेम का परिधान और नफरत का निदान कहा गया है। यदि सामने वाला किसी की गलती को माफ करता है तो उस व्यक्ति की सहायता करता है, साथ ही स्वयं की सहायता भी करता है। क्षमा करने के लिए व्यक्ति को अपने अहम को खत्म करना पड़ता है और एक सहनशील व्यक्ति ही इसे कर सकता है।

 

महात्मा गांधी कहते हैं कि कमजोर व्यक्ति कभी क्षमा नहीं कर सकता, क्षमा करना शक्तिशाली व्यक्ति का गुण है। सभी धर्मो में क्षमा को श्रेष्ठ गुण बताया गया है।

 

महावीर प्रभु ने क्षमा मांगने से अधिक क्षमा करने को महान बताया है। मनोविज्ञान भी कहता है कि गलती करना भी इंसान का एक गुण है, क्योंकि पूरी सावधानी बरतने पर भी मनुष्य जीवन में कहीं न कहीं त्रुटियां हो ही जाती हैं, लेकिन अपनी गलती के लिए माफी मांगना और सामने वाले का उसे माफ कर देना इंसानियत का श्रेष्ठ गुण है। जिस व्यक्ति के पास क्षमा का गुण है, वे हमेशा प्रसन्नचित रहते हैं और उसके शत्रु भी नहीं होते हैं। यदि हमसे भूल हुई तो हम क्षमा मांग लेते है लेकिन किसी ने हमारा बहुत नुकसान कर दिया फिर भी उसके माफी मांगने पर उसे क्षमा कर देना सच्चे अर्थों में यही उत्तम क्षमा है।
सबको क्षमा सबसे क्षमा मनीष प्रियंका विनायका रामगंजमंडी

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