पूज्य मुनिश्री भावसागर महाराज का पूरे भारत के लिए संदेश एक ऐसा अंतरराष्ट्रीय फंड होना चाहिए जिससे गरीबों को चिकित्सा, शिक्षा आदि का लाभ मिल सके
खिमलासा
परम पूज्य मुनि श्री 108 विमल सागर महाराज संघ सानिध्य में नगर में 10 लक्षण पर्व पर धर्म आराधना हो रही है एवं भक्त जन महाराज श्री की अमृतवाणी का रसपान कर रहे हैं।
गुरुवार की बेला में पूज्य मुनि श्री विमल सागर महाराज ने मंगल प्रवचन देते हुए कहा कि यह दिन पवित्रता का दिन है, प्रकृति भी बहुत उपदेश देती है। धन संपदा पुण्य की चेली है, व्यक्ति के बुरे दिन पुण्य के क्षीण होने पर चलते हैं। धर्म और दान के माध्यम से व्यक्ति का पुण्य बढ़ता है।






इस अवसर पर पूज्य मुनि श्री 108 भाव सागर महाराज ने कहा कि लोभ का त्याग करके शुचिता की प्राप्ति होती है। कुबेर का खजाना भी व्यक्ति को संतुष्ट नहीं कर पाता है। मंदिर, गौशाला, संस्था आदि में पद पर रहकर कार्य करना चाहिए, उन्होंने विशेष रूप से ध्यान दिलाया कि यह पूरे भारत के लिए संदेश है एक ऐसा अंतरराष्ट्रीय फंड होना चाहिए जिससे गरीबों को चिकित्सा, शिक्षा का लाभ मिल सके। मकान, दुकान, कार, मोबाइल आदि खरीदने में पैसा लगाते हैं, परोपकार के काम में भी लगाए। कोई भी कार्य करें, अग्रिम प्रबंधन से करें जिससे सभी व्यवस्थाएं अच्छे से चले।
महाराज श्री ने आचार्य श्री विद्यासागर महाराज को स्मृति में लाते हुए कहा कि आचार्य विद्यासागर महाराज हमारे हृदय में आज भी जीवित हैं। इस अवसर पर ब्रह्मचारी अंकित भैया ललितपुर ने जानकारी देते हुए बताया कि हथकरघा प्रदर्शनी का आयोजन चल रहा है। जिसमें कैदियों के द्वारा बनाए गए वस्त्रों का विक्रय किया जा रहा है। इसके माध्यम से कैदी नशे से दूर रहते हैं और उनके परिवार को उसकी राशि दी जाती है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
