धरियावद में 75 वर्षीय आर्यिका 105 श्री स्वर्णमति माताजी का 15 फरवरी को समाधि मरण 16 को विमान यात्रा डोला निकाल कर मुनि संघ सानिध्य में अग्नि संस्कार हुए।

धर्म

धरियावद में 75 वर्षीय आर्यिका 105 श्री स्वर्णमति माताजी का 15 फरवरी को समाधि मरण 16 को विमान यात्रा डोला निकाल कर मुनि संघ सानिध्य में अग्नि संस्कार हुए।
धरियावद।
दिन रात मेरे स्वामी, में भावना यह भावु ।देहांत के समय मे तुमको न भूल जावू।मरण समय गुरु पाद मूल हो व्रत संयम पालू ,पंडित पंडित मरण हो ऐसा अवसर दो।इन सार गर्भित भावनाओ को बिरले ही भव्य जीव अपने जीवन मे चरितार्थ करते है आचार्य श्री 108 अजित सागर जी महाराज के शिष्य मुनि श्री108 पुण्य सागर जी महाराज से दीक्षित शिष्या 75 वर्षीय आर्यिका 105 श्री स्वर्णमति माताजी का दिनांक 15 फरवरी 2025 को रात्रि 8.30 बजे धरियावद राजस्थान में समस्त संघ सानिध्य में समाधिमरण हो गया। ब्रह्मचारिणी वीणा दीदी ,भरत एवं अध्यक्ष जैन समाज ने बताया कि प्रातः 8 बजे समाधिस्थ 75वर्षीय आर्यिका 105 श्री स्वर्णमति माताजी का डोला विमान यात्रा मुनि श्री 108 पुण्य सागर जी महाराज संघ सानिध्य और हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में निकाली गई। आर्यिका श्री के डोले के आगे कमंडल लेकर भूमि शुद्धि करते हुए भक्त चल रहे थे,आर्यिका श्री के डोले को कंधे लगाने का सौभाग्य मनीष आसाम,पायल संभव पहाड़िया मुंबई एवं परिजनों को प्राप्त हुआ। नियत समाधि स्थल परिसर में ,पंडित विशाल जी के निर्देशन में मंत्रोचार से स्थल शुद्धि की गई। आर्यिका105 श्री स्वर्णमति माताजी की पूजन शांति धारा और पंचामृत अभिषेक गृहस्थ अवस्था के परिजन पुत्र मनीष सावन संभव एवं परिवार द्वारा किया गया। परम पूज्य आर्यिका 105स्वर्ण मति माताजी की समाधि के कारण संघ के सभी साधुओं ने आज उपवास किया। अग्नि संस्कार के पश्चात उपस्थित आर्यिका संघ एवं समस्त समाज ने परिक्रमा देकर अपनी विनयाजंलि प्रस्तुत की।
सामान्य परिचय
राजेश पंचोलिया इंदौर ने बताया कि आसाम प्रांत की 75 वर्षीय सुनीता छाबड़ा आसाम ने मुनि श्री 108 पुण्य सागर जी संघ समक्ष दीक्षा हेतु श्रीफल अर्पित कर निवेदन किया आपकी सीधे आर्यिका दीक्षा चतुर्थ पट्टाधीशआचार्य श्री 108अजित सागर जीमहाराज के शिष्य परम पूज्य मुनि श्री108 पुण्य सागर जी महाराज के कर कमलों से सिद्धक्षेत्र सोनागिर में 2/07/2023 को हुई ।आपका नूतन नामकरण आर्यिका 105श्री स्वर्णमति माताजी किया गया ।
15 फरवरी 2025 को मुनि श्री पुण्य सागर जी एवम् संघ के सभी साधुओं से क्षमा याचना कर चारो प्रकार के अन्न जल आदि का आजीवन त्याग कर यम संल्लेखना धारण कर सभी प्रकार के आहार का त्याग किया। मुनि श्री पुण्य सागर जी सहित संघ के साधु संबोधन करते रहे शांत परिणामो से निराकुलता सहित दिनांक 15 फरवरी 2025 को रात्रि 8.30 बजे उत्कृष्ट समाधिमरण मुनि श्री पुण्य सागर जी संघ सानिध्य में मुनिश्री के श्री मुख से णमोकार मंत्र सुनते हुए हुआ। क्षपकोतमा आर्यिका श्री की विमान डोल यात्रा सन्त निवास से रवाना होकर समाधि स्थल पहुंची।
धार्मिक विधि विधान पूर्वक अंतिम संस्कार हुए
राजस्थान प्रांत के अनेक नगरों पार सोला,मालपुरा, रीछा ,टोडा, रायसिंह,धरियावद,नरवाली , मूंगाणा, के हजारों गुरुभक्तों ने भाग लिया।समाधिस्थल पर पूर्ण विधि विधान से विमान यात्रा पूर्व नियत स्थल पर ले गए जहाँ पर पूर्ण विधि विधान से समाधिस्थ आर्यिका श्री के धार्मिक संस्कार कर पूजन पंचामृत अभिषेक किए गए। अग्नि संस्कार पूर्व गृहस्थ अवस्था के पुत्र मनीष पायल एवम् परिजनों द्वारा किये गए। शोक स्वरूप जैन समाज ने दुकानें बंद रखी रात्रि में विनयांजलि सभा में अनेक वक्ताओं ने श्रद्धांजलि दी
राजेश पंचोलिया इंदौरवात्सल्य वारिघि भक्त परिवार से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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