किसी गरीब आदमी को देख कर आपकी आंख में आंसू आना चाहिए — श्रीसुधासागर महाराज
सागर
भाग्योदय तीर्थ परिसर में पूज्य निर्यापक श्रमण मुनि श्री सुधा सागर महाराज ने मार्मिक प्रवचनदेते हुए कहा कि अपने लिए तो बहुत आंसू निकलते कभी किसी गरीब के लिए दो आंसू आये हम अपने और अपनो के लिए बहुत दुखी हो जाते हैं कभी किसी रोड़ पर पड़े रोगी को पीड़ित को देखकर दुखी हो जाये तो सच्चाधर्म है।
संसार के दुखो को कैसे दूर करूं येबात मन में आते ही आपके अंदर मार्दव धर्म प्रकट हो जाता है आपके अंदर गरीब आदमी असहाय व्यक्ति के प्रति दया करुणा जागी गरीब आदमी के लिए आंसू आने पर ही आपको मार्दव धर्म आ जायेगा।

क्रिया हीन धर्म दुनिया में अस्तित्व हीन हो जाता है
इस दौरान धर्म सभा में मुनि पुगंव श्री सुधासागर महाराज ने कहा कि क्रिया हीन धर्म दुनिया में अस्तित्व हीन होता है क्रिया धर्म विहीन हो सकती है लेकिन धर्म क्रिया के बिना नहीं हो सकता। धर्म सर्वेश्रेष्ठ है लेकिन उसके हाथ में कुछ भी नहीं है जैसे राष्ट्रपति सबसे बड़ा है लेकिन वह अपना काम खुद नहीं कर सकता वह गोली नहीं चला सकते उनके लिए बाडीगार्ड है हमने कल कहा था धर्मात्मा पहले नम्बर पर कहा था धर्म को बाद में लिया जो हमें चलता है उसका नाम धर्म रख दिया और रूकने का नाम अधर्म है धर्म वो है जो किसी न किसी के पास है और धर्मात्मा वो है जो कोई ना कोई क्रिया कर रहा है ।
हमारी हर क्रिया में धर्म दिखाई देना चाहिए
महाराज श्री ने कहा की हमारी हर क्रिया में धर्म दिखना चाहिए संसारी व्यक्ति भोजन करते हुए भोजन का आनंद लेता है और धर्मात्मा भोजन करते हुए भी उसको सोधते हुए ग्रहण करता है हर क्रिया में धर्म होना चाहिए आप लोग आहार देखने नहीं जाते आप आहार करते समय धर्म देखने जाते हैं क्या ले रहे हैं उसमें आप देखते हैं शुद्ध ले रहा है।धर्म का बीज ग्रहस्थ के घर में ही उत्पन्न होता है ग्रहस्थ के सबसे पहले मानव धर्म पलता है जो दूसरों के दुःख को देखकर दुखी हो जाता है उसको मार्दव धर्म प्रकट हो जाता है।




अपने लिए तो बहुत रो लिए जरा दूसरो के लिए दो आंसू आ जाये तो आप अपने आप को धर्मात्मा समझना अपने लिए तो बहुत आंसू बहाये कभी किसी गरीब के लिए आंसू बहाये तो धर्मात्मा समझना।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
