पूज्य गुरुदेव सुधा सागर महाराज के प्रति काव्य रचना के साथ ब्रह्मचारी प्रदीप भैया सुयश के जन्म दिवस पर कवि सौरभ जैन भयंकर के उदगार
गुरुवर के चरणों की रज शरमाते चंदन का टिका है
जैन धर्म अपनाए कैसे गुरुवर आपसे सीखा है
आचार्य विद्यासागर की मूरत हर जैन को प्रेषित करती है।
उनके बाद जगत पूज्य से आज सुशोभित धरती है।
इस भाव भरे उद्गार के उपरांत उन्होंने ब्रह्मचारी प्रदीप जैन सुयश के अवतरण दिवस पर अपने भाव प्रकट किए
परम पूज्य बाल ब्रह्मचारी वास्तु के ज्ञाता




जगत पूज्य के चरणों से नाता
शास्त्रों मे जिन प्रतिमा का जैसा वर्णन वैसी ही प्रतिमा की प्रतिष्ठा करवाने वाले वस्त्र ही साथ हैं बस चर्या तो साधुओ की तरह है जिनकी भाग्य की बात हैं हमारे ग्रह जिला अशोकनगर के गौरव है
संकलित अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
