सच्चाई के रास्ते पर चलने में ये फायदा है कि भीड़ कम मिलेगी मिलेगी..अन्तर्मना आचार्य प्रसन्न सागरजी महाराज/

धर्म

सच्चाई के रास्ते पर चलने में ये फायदा है कि भीड़ कम मिलेगी मिलेगी..अन्तर्मना आचार्य प्रसन्न सागरजी महाराज/

कुलचाराम हैदराबाद

सच्चाई के रास्ते पर चलने में ये फायदा है कि भीड़ कम मिलेगी .अन्तर्मना आचार्य प्रसन्न सागरजी महाराज ने कहा की इसलिए प्रभु और गुरू के चरणों में बैठो, तो उन जैसा आचरण ही माँगना। क्योंकि जिन-चरण और आचरण में दुनिया के सारे सुख, सारी सम्पदाओं का वास हुआ करता है।

 

 

जिन-चरण मिल गये तो मान के चलना, सब कुछ मिल गया। और गुरू चरण मिल गये तो समझना, भगवान मिल गये।* चरण पकड़ोगे तो स्वर्ग के यात्री बन जाओगे। और आचरण को पकड़ोगे तो मोक्ष के यात्री बन जाओगे।

 

 

आस्था — आचरण को जन्म देगी और विश्वास चरणों को।* विश्वास से चरण और आस्था से आचरण। *विश्वास टूट सकता है पर सच्ची आस्था होने पर लाख तूफान भी आ जाये, पर टूट नहीं पाती।* जो आस्था – आचरण को जन्म ना दे, वो आस्था बांझ है। जो आस्था – परमात्मा से ना मिलाये या भगवान ना बनाये, तो समझना अंधी है। *इसलिये चरणों से स्वर्ग की यात्रा और आचरण से मोक्ष यानि अनन्त सुख का धाम।*

*हे गुरूदेव, अब तक चरण छूये हैं आपके..*
*दो आशीष – आचरण छू सकूँ आपके…!!!*। नरेंद्र अजमेरा पियुष कासलीवाल औरंगाबाद

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