मैं आरक्षण का समर्थक हूं, लेकिन पढ़ाई में आरक्षण करो, नौकरी में नहीं मुनि श्री सुधासागर महाराज
सागर
भाग्योदय तीर्थ में विराजित पूज्य निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव 108 श्री सुधा सागर महाराज ने अपने मंगल उद्बोधन में कहा कि आरक्षण नहीं चाहिए नौकरी का, हम तो सख्त विरोधी हैं, आरक्षण पर नौकरी पाना सबसे बड़ा अपराध है क्योंकि वह अयोग्य है। आरक्षण का डॉक्टर या इंजीनियर 35% पर बनेगा तो क्या होगा? आरक्षण का समर्थक हूं पढ़ाई में आरक्षण करो।
उन्होंने कहा कि गरीबों को खूब पढ़ाओ, निशुल्क पढ़ाओ, कोचिंग पढ़ाओ, जितना पढ़ा सको पढ़ाओ लेकिन नौकरी तो योग्य बनकर ही मिलना चाहिए नौकरी कभी आरक्षण में नहीं मिलना चाहिए।

उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि जिस देश में नौकरी आरक्षण पर हो जाएगी वह देश एक दिन आरोग्य होता जाएगा और पढ़ाई में आरक्षण दिया जाएगा तो हर नौकरी और पद में अच्छे लोग ही आएंगे। उन्होंने कहा कि मरो तो ऐसे मरो की उसमें जन्म का अंकुर ना फूटे।
महाराज श्री ने जैन दर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि जैन दर्शन में जितनी भी प्रक्रियाएं हैं सबका एक अर्थ है भव का नाश, जन्म का नाश, किसी ने पूछा कि महाराज आप जैन समाज को अल्पसंख्यक क्यों घोषित करवाना चाहते हैं। मैंने कहा कि आपका कानून बना हुआ है कि भक्त अपने देवता को जैसे प्रसन्न व पूजा करना चाहे, कर सकता है और अल्पसंख्यक का नियम है कि भक्ति के अनुसार पूजा नहीं होगी, मंदिर के नियम के अनुसार पूजा होगी क्योंकि हमें अपनी समाज नहीं बचाना है, हमें मंदिर बचाना है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
