कई वर्षों के संचित पुण्य से दीक्षा लेने के भाव परिणाम होते हैं
दीक्षार्थी शकुंतला जी
धरियावद। 
हमारे विगत वर्षों में संचित पुण्य के कारण दीक्षा लेने के भाव हुए । पतिदेव ने भी दीक्षा ली आचार्य श्री वर्धमान सागर जी से 7 प्रतिमा के व्रत नियम अंगीकार किया ।दीक्षा के समय में सभी को आपने आमंत्रित किया और ग्रहस्थ अवस्था में रहते हुए सभी के प्रति क्षमा भाव रखकर सभी से क्षमा याचना की।
यह उद्बोधन दीक्षार्थी शकुंतला जी ने दीक्षा समारोह के अवसर पर समस्त समाज के समक्ष धर्म सभा में प्रकट किये।बिनोरी यात्रा निवास स्थान अरिहंत कॉलोनी से प्रारंभ होकर नगर के प्रमुख मार्ग होते हुए जिनालयों के दर्शन करते हुए शोभा यात्रा का समापन दिगंबर जैन श्री चंद्र प्रभु जिनालय में समापन हुआ।
शोभायात्रा का स्थान स्थान पर दीक्षार्थी की सुखे मेवे फल से गोद भरी भरी गई। शोभायात्रा के समापन पश्चात धर्म सभा प्रारंभ हुई जिसमें नृत्य मंगलाचरण स्वाति एवं जिनाया ने प्रस्तुत किया ।दीक्षार्थी के भावों के अनुमोदना करते हुए संहितासुरी पंडित हंसमुख जी शास्त्री ने बताया कि दीक्षा उत्सव को देखना दीक्षा में शामिल होना भी अनुमोदना है।
6 तारीख को दीक्षा में सभी को शामिल होना है इस संसार से सभी को जाना है 60 वर्ष से ऊपर वालों को इस प्रसंग पर वैराग्य का विचार बनाना चाहिए ।ब्रह्मचारिणी वीणा दीदी ने इस अवसर पर अपने विचार रखे की संसारी प्राणी विषय भोग राग में लिप्त है यह प्रसंग राग से वैराग्य की ओर जाने का है। हम इनके भावों की अनुमोदना करते हैं। लाखों व्यक्तियों में विरले ही जीवन की सार्थकता समझ कर वैराग्य की मंजिल की ओर चलते हैं ।पुत्र राकेश ने अपने विचार रखे कि जीवन के कल्याण हेतु वैराग्य पर पर चलकर यह दीक्षा लेकर उत्तम समाधि करें ऐसी मेरी भावना है। हमारे पिता की मुनि दीक्षा के बाद आप हमारी माताजी भी दीक्षा ले ले रही है यह हमारे लिए गौरव की बात है।

दीक्षार्थी का सामान्य परिचय ब्रह्मचारिणी 7 प्रतिमा धारी शकुंतला देवी की किकावत का जन्म खुंता ग्राम में श्रीमती राजी बाई जवेर लाल जी के यहां मगसर सुदी 6 संवत 2012 दिनांक 20 दिसंबर 1955 मंगलवार को हुआ ।आपका विवाह श्री इंद्रमल जी किकावत से हुआ। आपके एक पुत्र और एक पुत्री है। आपने सातवीं व्रत प्रतिमा जून 2017 में वात्सल्य वारिघि पंचम पट्टाघीश आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज से श्री क्षेत्र श्रवण बेलगोला कर्नाटक में ली। 2017 को घरियाबाद में हुए पंचकल्याणक में आपको माता-पिता बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। आपके पति द्वारा दीक्षा लिए जाने कारण आपकी भी वैराग्य की भावना दिन प्रतिदिन बलवती होती गई।
अभिनंदन समारोह के अवसर पर दशा नरसिंहपुरा समाज मेवाड़ बागड़ महासभा के अध्यक्ष लक्ष्मी लाल बोहरा उदयपुर ने भी अपने विचार रखे उन्होंने भी दीक्षा के भावों की अनुमोदना की ।खुंता नगर से मनोज और पौत्र अभी ने भी अपने विचार रखें । स्थानीय जैन समाज के सेठ भंवर जी, ,करणमल, कनकमल, नेमीचंद,,सोहन, सहित सभी की उपस्थिति रही। दीक्षार्थी के परिवार की ओर से सभी समाज जनों के लिए स्वामी वात्सल्य भोजन की व्यवस्था की गई। दीक्षापूर्व अभिनंदन समारोह में घरियाबाद ,पारसोला, नरवली मुंगाणा ,खुंता, घाटोल ,निठाउवा , गामड़ी , बिसतुनिया आदि अनेक नगरों से पंच महानुभाव पधारे। राजेश पंचोलिया इंदौर से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
