समय पर कार्य नहीं होने पर जिंदगी टिशू पेपर बनकर खत्म हो जाती है सुनीलसागर महाराज
मदनगंज किशनगढ़
परम पूज्य आचार्य श्री 108 सुनील सागर महाराज ने सन्मति समवशरण में बुधवार की बेला में समाधि तंत्र ग्रंथ पर अपना उद्बोधन देते हुए कहा कि रसोई की खिचड़ी बीमार को भी स्वस्थ, वह दिमाग में पकी खिचड़ी स्वस्थ को भी बीमार कर देती है। इसीलिए दिमाग में खिचड़ी नहीं पकानी चाहिए।
महाराज श्री ने कहा कि भूत भविष्य में नहीं, वर्तमान में जीना चाहिए। समय पर कार्य नहीं होने पर जिंदगी टिशू पेपर बनकर खत्म हो जाती है। जब हम पर पदार्थ पर उछलते हैं तो कषाय वासना पैदा होती है। देव शास्त्र गुरु मोक्ष मार्ग के नियमित होते हैं। राज बांधता है। वैराग्य मुक्ति करता है। राग को छोड़ने पर कल्याण होगा। आत्म तत्व को समझाने पर भ्रष्टाचार बलात्कार समाप्त हो जाएंगे।

उन्होंने कहा कि घटनाओं से सीखना चाहिए राज के भाव से ज्यादा देश की जय बड़ी होती है। देव शास्त्र गुरु के बताए मार्ग पर चलने पर कल्याण होगा। जो दूसरों को सुखी देखता है, वह स्वयं भी सुखी रहता है।
भारतीय संस्कृति में जन्म का उत्सव एवं मृत्यु का महोत्सव मनाया जाता है। समाधि मरण एक वृत्त है। हिंसा झूठा चोरी ब्रह्मचर्य परिग्रह अणुव्रत के साथ समाधि मरण को स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि दुनिया में जीने की कला सब सीखते हैं लेकिन मरने की कला भगवान महावीर, जैन दर्शन, भारतीय संस्कृति सिखाती है। शरीर रूपी बिल्डिंग खंडर बने उससे पहले से विवेक पूर्वक समाधि मरण से भव पार कर लेना चाहिए।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
