संयम की राह पर चलोगे, तो निश्चित हमारा जीवन बहूमूल्य बनेगा- मुनि श्री निर्वेग सागर महाराज
इंदौर
– मुनि श्री निर्वेग सागर जी महाराज ने प्रवचन सभा में कहा कि “मूकमाटी महाकाव्य” में आचार्य श्री विद्यासागरजी महाराज ने पतित से पावन बनने की यात्रा का वर्णन करते हुये “पतित मिट्टी को रुपक बनाकरपतित से परमात्मा बनने” का वर्णन किया है,”संयम की राह पर चलोगे, तो निश्चित हमारा जीवन बहूमूल्य बनेगा”उन्होंने कहा कि मूकमाटी में “मिट्टी उपादान है, कुम्भकार निमित्त” कुम्भकार माटी को उपाश्रम में लेकर आया और छानकर कंकरों को अलग किया तो कंकरों को अपने अंदर की कमी महसूस हुई, शिल्पी ने उनका समाधान किया कि” राही बनना ही तो हीरा बनना है,”राही” शब्द खुद पलट कर कह रहा है- “हीरा
” मुनि श्री ने कहा कि संयम पथ की राह पर चलने वालों कोअपना परिचय दैने की आवश्यकता नहीं पड़ती। “हीरा मुख से न कहे लाख हमारो मोल” “तन और मन को तप की आग में तपा तपा कर राख करना होगा” तभी आप अपने जीवन को उन्नति को राह प्रदान कर सकते है,तप से डरो मत तप हमारे लिये अत्यंत हितकारी है।वृत उपवास करने से शरीर हल्का फुल्का महसूस होता है तथा त्रिदोष बात पित्त कफ की स्थिति सम होकर शरीर निर्विकार हो जाता है।
इस अवसर पर शंकासमाधान के संचालक मुनि श्री संधान सागर जी महाराज ने कहा “मनुष्य जीवन दुर्लभतम से दुर्लभतम है’ और 84 लाख योनियों को पार करके बहूत ही दुर्लभता से मिला है इस “जिंदगी पेन ड्राइव की तरह नही कि जो चाहे उसको बजा ले जिंदगी का आनंद तो रेडियो के समान जो बज रहा है उसी संगीत का आनंद लो”कर्म के बांधने में हम सभी स्वतंत्र है”जो कर्म बांधे है उनको तो भोगना पड़ेगा जो पाप आपसे हो गया है उससे डरो मत लेकिन आगामी पाप करने से डरो “सुख दुःख दोनों रहते कभी धूप कभी छांव’ बाहर वाला पासा फैके भीतर चलते दांव “कभी धूप कभी छांव”दूसरे ने दो शब्द प्रसन्नता में बोल दिये तो हम प्रसन्नता में फूल जाते है और कभी किसी ने कुछ बुरा कह दिया या आलोचना कर दी तो हमारा मुंह फूल जाता है मुनि श्री ने कहा कि लोगों की बात पर अपने अंदर विकार उत्पन्न मत करो “लोगों का काम है कहना” मत दिलाओ विश्वास उनको कसम खाकर अपने अंदर की आत्मशक्ति को जगाओ और अपने अंदर का विश्वास जाग्रत करो







कार्यक्रम का संचालन बाल ब्र अभय भैया ने किया।धर्मप्रभावना समिति के मीडिया प्रभारी राहुल जैन प्रवक्ता अविनाश जैन ने बताया आगामी 22 अगस्त से मुनि श्री के मुखारविंद से
सोलहकारण भावना पर प्रवचन दर्शनविशुद्धि भावना के साथ शुरू होंने जा रहे है सभी से निवेदन है समय पर लाभ लें।प्रतिदिन बाहर से अतिथियों का आवागमन हो रहा है, धर्मप्रभावना समिति के महोत्सव अध्यक्ष नवीन गोधा अध्यक्ष अशोक डोसी,महामंत्री हर्ष जैन, सहित सभी पदाधिकारियों ने उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया। सकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
