भाई बहन एक दूसरे की रक्षा का संकल्प ले।विमल सागर महाराज
खिमलासा
सोमवार की अनुपम बेला में रक्षाबंधन के अंतर्गत मुनिश्री विमल सागर महाराज संघ सानिध्य एवं ब्रह्मचारी मनोज भैया जयपुर के निर्देशन में रक्षाबंधन विधान उत्साह के साथ संपन्न किया गया। एवं श्रेयांश नाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक मनाया गया और निर्वाण लाडू समर्पित किया गया।
इस बेला में पूज्य मुनि श्री विमल सागर महाराज ने रक्षाबंधन के विषय पर प्रकाश डाला उन्होंने कहा कि यह पर्व ऐसा है जो जीवन में प्रकाश देने वाला है। यह प्रेरणा देने वाला पर्व है। पर्व महा पुण्य से भरने वाले हैं, इतिहास संस्कृति से जोड़ते हैं। धर्म शाश्वत है इसे नष्ट नहीं होने देना। लाखों सालों से यह पर्व मनाया जा रहा है। धर्म की रक्षा करने वालों को विशेष आशीर्वाद है किसी दुखी का दुख दूर हो यह भावना रहती है।






महाराज श्री ने कहा कि हर किसी को धर्म की बागडोर नहीं सौंपना चाहिए, कंजूस व्यक्ति को मंदिर की बागडोर नहीं सौंपना चाहिए यह पर्व प्रेम वात्सल्य का पर्व है। एक दूसरे के हाथ में रक्षा सूत्र बांधे सभी संकल्प ले की कोई गलत आचरण नहीं करूंगा या करूंगी। भाई बहन एक दूसरे की रक्षा का संकल्प ले। इस पर्व के माध्यम से धरती पर स्वर्ग होता है, करुणा दान के क्षेत्र में कार्य करें। देश धर्म की रक्षा के लिए टीम तैयार होना चाहिए। महाराज श्री ने कहा कि गौशाला में प्रत्येक घर की एक रोटी जाना चाहिए। गाय के लिए कुछ भी करें, जो दुख में साथ दे वह हमारा है। दया करुणा से व्यक्ति भगवान बन जाता है।
इस अवसर पर मुनिश्री अनंत सागर महाराज ने कहा कि संसार में अनेक बंधन होते हैं। यह पर्व का दिन है, उसके साथ रक्षा शब्द जुड़ा है। यह वात्सल्य का पर्व है। भगवान बनने में निमित्त है। यह पुण्यबंध में कारण होते हैं, ऐसे अवसरों को छोड़ना नहीं चाहिए। राखी बांधने, मिठाई खाने, नए वस्त्र पहने तक ही यह पर्व सीमित नहीं रहे, साधुओं पर आपत्ति आती है तो आपको रक्षा करनी चाहिए।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
