अक्षय तृतीया के पर्व पर बूंदी में आदित्य सागर महाराज संघ को आहार देने के लिए भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा जो बच्चे मंदिर जाना सीख जाते हैं वह मदिरालय नही जाते आदित्य सागर महाराज
बूंदी
जैन दर्शन में अक्षय तृतीया का विशेष महत्व बताया गया है एवं इस दिन साधु संतों को आहार देना विशेष माना जाता है।
वही भक्ति का भाव लिए बूंदी में विराजित पूज्य मुनि श्री आदित्य सागर महाराज संघ का पडगाहन एवम आहार देने हेतु भक्तों का उत्साह देखते बना। हर कोई मुनि श्री संघ को आहार देने को आतुर था जब मुनिश्री का पडगाहन हो रहा था तब का दृश्य देखते बन रहा था जो एक कीर्तिमान लिख गया।
देवपुरा दिगंबर जैन मंदिर में पूज्य मुनि श्री आदित्य सागर महाराज ने बच्चों को पाठशाला पढ़ने के लिए कहा एवं मंदिर आने की प्रेरणा प्रदान की। महाराज श्री ने कहा कि जो व्यक्ति राम को मानते हैं, उनको मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम की भी माननी चाहिए। आज देखने को मिलता है कि लोग राम को तो मान लेते हैं पर राम के आदर्श को नहीं मानते। 
महाराज श्री ने आगे कहा कि मुनियों के प्रति श्रद्धा समर्पण रखना चाहिए, उसी से आप सभी का कल्याण है। बच्चों को बचपन से ही




मंदिर जाने की शिक्षा देना चाहिए। जो बच्चे मंदिर जाना सीख जाते हैं वह कभी मदिरालय नहीं जाते। जिसके हाथ में अभिषेक का कलश होता है, वह बड़ा होकर शराब का गिलास नहीं उठाता। महाराज श्री ने सभी को कहा अपने बच्चों को सदैव पाठशाला में भेजना चाहिए।महाराज श्री ने अक्षय तृतीया पर भी विशेष प्रकार डाला और कहा कि इस दिन प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ भगवान का प्रथम बार इक्षु रस से आहार हुआ था। महाराज श्री ने इसकी महिमा पर भी विशेष रूप से प्रकाश डाला।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
