व्यसन करने से जीवन में दुर्गति होती है पवित्रमति माताजी

धर्म

व्यसन करने से जीवन में दुर्गति होती है पवित्रमति माताजी

नौगामा

परम पूज्या आर्यिका 105विज्ञानमति माताजी की शिष्या आर्यिका 105पवित्रमति माताजी का नौगामा नगर में चतुर्मास चल रहा है चातुर्मास में आज प्रातः 1008 भगवान आदिनाथ मंदिर 1008 समवशरण मंदिर सुखोदय तीर्थ मे विशेष शांति धारा अभिषेक हुई।

 

 

इसके उपरांत माताजी का मंगल प्रवचन हुआ मंगल प्रवचन में माता जी ने कहा कि व्यसन करने से जीवन की दुर्गति होती है आजकल यह देखा जा रहा है कि युवा पीढ़ी बुरे व्यसन में लिप्त है जिससे आर्थिक हानि साथ-साथ शारीरिक  हानि होती है एवं शरीर में

 

 

बीमारियों का घर बन जाता है अल्प आयु में मृत्यु का कारण बनता है।

इसलिए हमें व्यसन से बिल्कुल दूर रहना है उन्होंने कहा कि भोग रोग का कारण है हमें विवेकपूर्ण भोजन करना है सबसे ज्यादा विषय भोग जीब के द्वारा होता है माताजी ने कहा कि रविवार 11 तारीख को मुकुट सप्तमी 23वें तीर्थंकर भगवान पारसनाथ का निवार्ण दिवस है हमें बड़े हर्ष और उल्लास के साथ मनाना है उस दिन प्रातः मंदिरजी में विशेष शांति धारा अभिषेक के बाद पंडाल में सामूहिक रूप से शांति धारा होगी शांति धारा के बाद सम्मेद शिखर विधान का आयोजन होगा 72 पात्रों द्वारा बड़े भक्ति भाव से वाध्य यंत्रों की मधुर स्वर लहरों के साथ माता जी के द्वारा अध उच्चारण द्वारा श्रद्धालुओं द्वारा अध चढ़ाऐ जाएंगे जिसमें विधानाचार्य रमेश चंद्र गांधी अभिषेक शास्त्री सागर के दिशा निर्देशन में विधान का आयोजन होगा

 

 आज प्रवचन के दौरान अरथूना नगर से जैन पाठशाला के सो बालक बालिकाओं द्वारा एवं उनके साथ पधारे यतेंद्र द्वारा माता जी के दर्शन किऐ एवं श्रीफल भेंट किया गया इस अवसर पर चातुर्मास कमेटी अध्यक्ष निलेश जैन राजेंद्र गांधी नरेश जैन जयंतीलाल जैन आशीष पंचोली द्वारा सबका स्वागत अभिनंदन किया गया  प्रवक्ता सुरेश चंद्र गांधी से प्राप्त जानकारी के साथ अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312

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