पूज्य मुनि श्री विनम्रसागर महाराज के प्रवचनों से प्रेरित होकर किन्नर समाज ने प्रभावित होकर प्रतिभास्थली के लिया दिया 125000 का अनुदान सभी के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण
रामगंजमंडी
कही ऐसे क्षण होते है जो एक इतिहास लिख देते है और समाज एवम मानव जगत के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत करते है ऐसा ही हुआ पूज्य मुनिश्री 108 विनम्रसागर महाराज के प्रवचनों से प्रेरित होकर इंदौर की किन्नर समाज ने प्रतिभास्थली हेतु 125000 का अनुदान दिया जो सचमुच सभी के लिए एक प्रेरणा है
इस परिप्रेक्ष मे मुनिश्री 108 विनम्रसागर महाराज ने कहा की अभिभूत हु मै इंदौर की जनता के साथ ज़रा ज़रा सी बात पर मुझ जेसे सामान्य से छोटे साधु को जरा जरा सी बात पर समर्थन देकर हाथ मजबूत करना बड़ा अच्छा लगता है जीवन का अभूतपूर्व अवसर मेरे सामने आया जिसको आप किन्नर कहते है ऐसे 12,13,किन्नर आकर 125000 की राशि कमेटी को दे गए उनसे जब पूछा आप किन्नर होकर दान दे रहे है तो उन्होने कहा हमारी जो चमेली है प्रतिदिन आपका प्रवचन सुनती है प्रवचन सुनते हुए जब आपने प्रतिभास्थली की बेटियों की बात कही तब हमको अपनी पर्याय का दुख हुआ किन्नरों ने रात मे बैठकर जो मेने अपने प्रवचन मे प्रतिभास्थली बेटी बचाओ की बात को सुना हम समाज से उपेक्षित है जीवन भर उपेक्षा का शिकार रहे है यह बात उन्होने कमेटी और हमारे सामने कही और कहा की यह 125000 हमसे लेकर किसी बेटी का भविष्य बचा लो किसी बेटी को बड़ा कर दो



महाराज श्री ने कहा आत्मा झकृत हुयी की उस पर्याय मे जाने के बाद व्यक्ति अपनी भूमिका को नहीं भुला उस पर्याय मे जहा व्यक्ति घर घर नाचता है गाता है ताली बजाता है लेकिन आत्मा तो आत्मा है आत्मा का क्या उस पर्याय में जाकर स्थापित हो गई उस पर्याय का दुख भोग रही है लेकिन उस पर्याय मे भी अपनी भूमिका निश्चित करी और निश्चित करने बाद कहा यह 125000 की राशि उपेक्षित लोगो के माध्यम से एक बच्ची प्रतिभास्थली मे पढ़ जाए यह हमारे जीवन का सोभाग्य है
महाराज श्री ने कहा तब लगा क्या जैन शासन के शब्दों की महिमा है क्या लोगो की भावुकता है अपने आप हो देखकर मै गदगद हुआ की ऐसी भी चिंता लोग कर सकते है
संकलन अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंजमंडी 9929747312
