भगवान वासुपूज्य भगवान का जन्म कल्याणक चंपापुर में मनाया गया
विवेक बिना जीवन जीवन नहीं मरण है महावीर चौकबतें
चंपापुर
तीर्थंकर भगवान वासुपूज्य भगवान का जन्म कल्याणक महोत्सव चंपापुर दिगंबर जैन सिद्ध क्षेत्र पर भक्ति भाव के साथ मनाया गया।
इस पावन पुनीत बेला पर भगवान वासुपूज्य की मुंगावली प्रतिमा पर 108 कलशो से मस्तकाभिषेक किया गया। इस अवसर पर इंदौर से आए विजय कासलीवाल वह दिल्ली से आए संजय प्रकाश जैन ने स्वर्ण व रजत कलशो से मस्तकाभिषेक किया। इस बेला में वातावरण भक्ति से गुंजायमान था।
उस्मानाबाद से आए पंडित श्री महावीर चोकबते ने ने अपने उद्बोधन में विवेक के विषय में प्रकाश डालते हुए कहा कि विवेक के बिना जीवन जीवन नहीं मरण के समान है। उन्होंने कहा कि बुद्धिहीन व्यक्ति ही सचमुच दरिद्र होता है। अज्ञानी की सलाह इसका आशय मुसीबतों को पनाह देना है।
उन्होंने भगवान वासुपूज्य के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भगवान वासुपूज्य का संदेश है सबकी समृद्धि की कामना ही धर्म है। हमें गुरु नहीं, ज्ञानियों का शिष्य बनना है। इसी तारतम्य में नगर के कोतवाली चौक स्थित श्री दिगंबर जैन मंदिर में भी भगवान वासुपूज्य भगवान की जन्म जयंती मनाई गई यहां से भगवान वासुपूज्य भगवान की प्रतिमा को पालकी में विराजमान कर अभूतपूर्व शोभायात्रा निकाली गई। इस पर विशेष जानकारी देते हुए महामंत्री सुनील जैन ने बताया कि समय का सदुपयोग व्यक्ति को उपयोगी बनाता है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
