जो अपने लिए पसंद करते हो..वही अपने पड़ोसी के लिए भी पसंद करो..! अन्तर्मना प्रसन्न सागरजी महाराज
कुलचाराम
यदि आज हम दूसरे के लिए वही चीज पसंद करना शुरू कर दें जो खुद के लिए पसंद करते हैं, तो आज ही हमारे घर, परिवार और समाज से सारे वाद विवाद समाप्त हो जाये।
यह उदगार अन्तर्मना प्रसन्न सागरजी महाराज ने अपने मंगल प्रवचन में कहे उन्होंने कहा सभी एकदूसरे के लिए हित चिन्तक बन जाये। परन्तु आज सब कुछ उल्टा पुल्टा हो रहा है।
हमने हमेशा अपने लिए और अपने बच्चों के लिए अच्छी चीज पसंद की, लेकिन अपने पड़ोसी के लिए, गलत और विपरीत चीज पसंद की।

यदि आप कहीं भोजन परोस रहे हैं, और आपके परोसने की थाली में एक गर्म फूली हुई पुड़ी है, भोजन करने वालों की लाइन में सब आपके अपने रिश्तेदार बैठे हैं, लेकिन उसी लाइन में आपका भाई भी बैठा है, आप वह गर्म पुड़ी किसकी थाली में परोसेंगे…???* नरेंद्र अजमेरा पियुष कासलीवाल औरंगाबाद से प्राप्त जानकारी
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
