कल्मष धोने का माध्यम है जिनेन्द्र आराधना विज्ञमति माताजी
एटा
ठंडी सड़क स्थित ग्रीन गार्डन में “मां विशुद्धमती सभागार” में भारत गौरव सर्वाधिक दीक्षा प्रदात्री गणिनी आर्यिका105श्री विशुद्धमती माताजी के आर्शीवाद से उनकी प्रिय शिष्या प्रज्ञा पद्मिनी पट्ट गणिनी आर्यिका105 श्री विज्ञमती माताजी ने सेमिनार में चतुर्थ दिन स्तोत्र के माध्यम से बताया यह स्त्रोत ठंडे जल की तरह है कड़वा नहीं है!1452 गणधर असाधारण हैं तुम मोक्ष मार्ग के सिपाही हो तो सिपाही की तरह जागने का प्रयास करो दायित्व निभाओ, यौवन के मद में आकर किसी का अपमान नहीं करना चाहिए पाप पहले होता है और अपराध बाद में होता है !गणधरों का दिगंबरत्व तीर्थंकर की यश पताका का संदेश देता है तीर्थंकर की वाणी कभी मिथ्या घोषित नहीं कर सकती है!
24 तीर्थंकरों में किसके कितने गणधर थे यह भी समझाया, उन्होंने कहा ,कि आचार्य श्री कहते हैं उद्यमी बनने का पुरुषार्थ करो ,महिलाओं को नौकरी करने की क्या आवश्यकता है? कीचड़ में पैर रखकर धोने की बजाय कीचड़ में पर रखना ही क्यों ?नारी रत्न की की रक्षा करना पुरुषों का कर्तव्य है हमारा जीवन स्वर्ण के समान होता है उसे पीतल नहीं बनना चाहिए ,इतना पुण्य करिए कि तुम्हारा पति इतना कमाई जो तुम्हें नौकरी की जरूरत ही ना पड़े !

जानकारी देते हुए बबिता जैन एटा ने बताया की जिनवाणी स्तुति के पश्चात दो काव्य कंठस्थ करने वाले सेमिनार्थियों श्रीमती ममता जैन भारती जैन, आरती जैन , अनुष्का जैन, तृषा जैन, मौली जैन, मौसम जैन, आयुष जैन ,ऋषभ जैन को पुरस्कार प्रदान किए गए, इस अवसर पर पंडाल में श्रीमान योगेश जैन,सुधाकर जैन, रविंद्र जैन, संजीव जैन ,पिंकी जैन, राजेंद्र जैन, आशीष जैन, विकास सक्सेना, दिनेश जैन, गौरव चौहान, रॉबिन जैन उद्देश्य जैन, राजा जैन,धीरज जैन,श्रीमती सरिता जैन, रेखा जैन बबली जैन, मालती जैन, सारिका जैन रुचि जैन


रंजना जैन, सरोज जैन ,सुशीला जैन, झिलमिल दीदी खुशी जैन सृष्टि जैन परी जैन,झलक जैन, पलक जैन ,पंखुड़ी जैन आदि सेमिनार्थी उपस्थित थे!

मीडिया प्रभारी सुनील जैन बांदा ने बताया कि प्रतिदिन 48 दीपकों से दीप आराधना कार्यक्रम सायं 7 बजे से पुरानी बस्ती स्थित बड़े जैन मंदिर में चल रही है उन्होंने सभी साधर्मी बंधुओं से निर्धारित
समय पर मंदिर जी पहुँचने का आह्वान किया है!
बबीता जैन एटा से प्राप्त जानकारी केसाथ अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312
