सुसंस्कार ही जीवन जीने की कला है पवित्र मति माताजी

धर्म

सुसंस्कार ही जीवन जीने की कला है पवित्रमति माताजी
नौगामा
परम पूज्य आयिका 105 पवित्रमति माताजी की मंगल देशना आज चातुर्मास के प्रथम रविवार पर पंडाल में हुई।सभा का शुभारंभ आचार्य गुरुवर विद्यासागर जी महाराज की तस्वीर के समक्ष्य चातुर्मास कमेटी द्वारा दीप प्रज्वलित किया गया ।भैया जी द्वारा मंगलाचरण किया गया मंगलाचरण के बाद गरिमामति माताजी, करणमति माताजी,पवित्रमति माताजी का का मंगल प्रवचन हुआ।

 

 

इस अवसर पर माताजी ने कहा कि चातुर्मास का यह पहला रविवार है और पहले रविवार को सभी श्रद्धालुओं को हमारा आशीर्वाद है इन चार महीनो में ज्ञान की गंगा बहेगी जो धर्म प्रेमी बंधु जितना लाभ ले सके लेना अपने प्रवचन में कहा कि सुसंस्कार ही जीवन जीने की कला है आपके संस्कार अच्छे होंगे तो घर परिवार समाज देश सब अच्छा होगा आपसी कलह नहीं होगा बचपन में ही बच्चों को मां के द्वारा अच्छे धार्मिक संस्कार दिए जाएं तो उसका संपूर्ण जीवन अच्छे से गुजरेगा अपने परिवार में अच्छी सी बहू लाना चाहते हैं तो अपनी अच्छी सी बेटी को संस्कारवान बनाए संस्कारी बेटी अच्छी बहू बन जाएगी।

प्रवचन के बाद बागीदौरा से पधारे हुए विनोद दोसी, अरथुना से पधारे सुरेश भाई का समाज ने सम्मान किया एवं उनके द्वारा माताजी को श्रीफल भेट किया गया।

 

 

इस अवसर पर माताजी को शास्त्र भेंट करने का सौभाग्य पंचोरी

भारत कुमार नानावटी सुभाष चंद्र पंचोरी केसरीमल शांतिलाल को प्राप्त हुआ प्रति रविवार की भांति इस रविवार को भी जैन पाठशाला के बच्चों द्वारा सामूहिक पूजन बड़े भक्ति भाव से वाद्य यंत्रों की मधुर स्वर लहरों के साथ की गई पूजन के बाद कलश ट्रेडर्स राजू भाई प्रकाश भाई की ओर से सभी बच्चों को छाता वितरित किया गया।

प्रतिदिन चातुर्मास में पुरुष वर्ग प्रातः दोपहर में महिलाए एवं शाम को जनरल क्लास से चल रही है। अन्त में चातुर्मास समिति अध्यक्ष निलेश जैन द्वारा सबका आभार प्रकट किया गया सुरेश चंद्र गांधी से प्राप्त जानकारी के साथ अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312

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