मनुष्य को ऊर्जा का उपयोग संभल कर करना चाहिए मनुष्य के भीतर अनंत ऊर्जा विद्यमान है आदित्य सागर महाराज
कोटा
रिद्धि सिद्धि नगर के चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में मुनि श्री आदित्य सागर महाराज ने अपने मंगल प्रवचन में कहा कि मनुष्य को ऊर्जा का उपयोग संभलकर करना चाहिए मनुष्य के भीतर अनंत ऊर्जा विद्यमान है।
महाराज श्री ने अपने मंगल प्रवचन में आगे कहा कि मनुष्य पर्याय एक बहुत बड़ा आयोजन है, इसका एक प्रयोजन ऊर्जा का सकारात्मक प्रयोग होना चाहिए। आप जैसी अपनी उर्जा लगाते है,

वैसे ही आपको परिणाम प्राप्त होते हैं। यदि गलत कार्यों में ऊर्जा है तो परिणाम विपरीत होगे। और सही कार्यों में ऊर्जा लगी है तो
सफल होंगे। ऊर्जा को संभालने की जरूरत है। क्योंकि ऊर्जा ज्यादा हो जाए तो वह भी हानिकारक बन सकती है। जैसे पद की प्राप्ति आसान होती है। परंतु पद पर बने रहना मुश्किल होता है, ऊर्जा वह ज्ञान प्राप्त करना सरल हो सकता है। परंतु इसका उपयोग करना महत्वपूर्ण होता है।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
