अपने लिये कार्य करने वाला व्यक्ति कभी थकता नहीं है-मुनि श्री सुधा सागर महाराज पूर्व मंत्री श्री भूपेंद्र सिंह ने लिया मुनि श्री का आशीर्वाद

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अपने लिये कार्य करने वाला व्यक्ति कभी थकता नहीं है-मुनि श्री सुधा सागर महाराज पूर्व मंत्री श्री भूपेंद्र सिंह ने लिया मुनि श्री का आशीर्वाद

सागर/
निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव 108 श्री सुधा सागर महाराज का मंगल आशीर्वाद लेने खुरई विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र सिंह पहुंचे। उन्होंने पूज्य श्री से आशीर्वाद लिया । और
खुरई सहित क्षेत्र के विभिन्न क्षेत्रों में कराए गए गौशालाओं एवं अन्य निर्माण कार्य की जानकारी दी।साथ ही इस अवसर उनका अभिनंदन भी किया गया और उन्हें मुनि श्री की तस्वीर भेंट की गई।

 

 

 

प्रातः कालीन धर्म सभा में पूज्य मुनि श्री ने कहा कि पूज्य गुरुदेव जी का स्नेह और क्षेत्र की प्रगति के प्रति संवेदनशीलता अद्भुत है। संतों के पावन प्रताप से निश्चित ही क्षेत्र निरंतर विकास की नई परिभाषा को गढ़ रहा है।

 

भगवान की पूजा सेवा अपने लिए बनकर के करो। पूजा अपने लिए करोगे तो तुम कभी थकोगे नहीं, अपने लिए कार्य करने वाला व्यक्ति कभी थकता नहीं है।
मै जैनियो से कहना चाहता हूँ नौकर नहीं मालिक और पूरे सेठ बनो। व्यापार करो लेकिन प्राइवेट नौकरी नहीं करो अधिकार से बोलो भीख मांग के तुम गुज़ार कर लेना लेकिन किसी की नौकरी नहीं करना।

 

मुनिश्री ने कहा कि स्वाध्याय खुद के लिए होता है दूसरों के लिए नहीं रहता है। सम्यक दृष्टि इन्हें शब्द बताता है लेकिन मिथ्या दृष्टि हमेशा छटपटाता है क्योंकि वह सबको जानता है कि मैं क्या हृं और मुझे क्या करना पड़ रहा है
मुनिश्री ने कहा कि सरकारी नौकरी में कुछ अपने लिए कर सकते हैं अपनों के लिए कर सकते हैं समाज के लिए कर सकते हो और अधिकार मिलते हैं लेकिन नौकरी में प्राइवेट नौकरी में भले 1 करोड का पैकेज मिले लेकिन नौकर ही कहलाते हैं। सरकारी अधिकारी उसका नाम अपने धर्म के लिए समाज के लिए आम लोगों के लिए कर सके वह धर्म कर पुण्य कमाता है वही मालिक है जबकि प्रायवेट नौकरी मे धन के अलावा आपको ये अधिकार नहीं मिलते हैं
उन्होंने कहा कि किराए के घर से अच्छी स्वयं की झोपड़ी में रहना, भगवान ने सभी को मालिक बनाया है। किसी को नौकर नहीं बनाया है।

 

दान देना कोई साधारण चीज़ नहीं है। स्वयं की कमाई को कम करने का भाव यदि आ रहा है इसका मतलब यह है कि वह दान दे रहा है। यह पुण्यानुबंधि पुण्य कमा रहा है जबकि दूसरे की कमाई को डाका डालने का भाव बना रहा है। मेरे पास आ जाए इसके लिए पापानुबंधि पाप कमा रहा है। लोग प्रवचन सुनते है कि कषाय समाप्त हो जाए इसलिए सुनते हैं लेकिन दुश्मन सुनते हैं कषाय बढ़ाने के लिए सुनते हैं।

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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