कोटा के डॉ राजेंद्र जैन द्वारा जैन तीर्थ वंदना एवं दर्शनीय स्थल का संकलन करते हुए एक बहु उद्देशीय पुस्तक का लेखन किया है।
कोटा
डा राजेंद्र जैन द्वारा जैन तीर्थ वंदना एवं दर्शनीय स्थलों का संकलन कर एक बहुउद्देशीय पुस्तक का संकलन किया है। जिस कृति की सराहना सभी जगह हो रही है। आचार्य साधु संतों ने उनके इस कार्य की बहुत सराहना की एवं उन्होंने आशीर्वाद प्रदान किया है।
इस पुस्तक का संपादन श्री महावीर जैन द्वारा किया गया है उनके अनुसार कोटा के डॉक्टर आरके जैन द्वारा रचित जैन तीर्थ वंदना एवं। 
दर्शनीय स्थल पुस्तक का सप्तम संशोधित संस्करण प्रकाशित हो गया है।
पुस्तक में विशेष बात यह है कि कोटा के डॉक्टर आरके जैन ने भारतवर्ष के सभी जैन तीर्थ एवं मंदिरों का उल्लेख किया है इतना ही नहीं उन्होंने वहां उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी के साथ अतिरिक्त सड़क मार्ग एवं क्षेत्र के समीपस्थ मुख्य
नगर की दूरी का विवरण विधिवत संकलित किया है। ताकि यात्रियों को यात्रा करने वालों को सुगमता प्राप्त हो। निश्चित रूप से यह कृति अपने आप में बहुत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने क्षेत्र के दूरभाष नंबर मोबाइल नंबर अपडेशन के साथ मंदिर प्रमुखों का भी वर्णन इस पुस्तक में समावेश किया है। इसी के साथ दिगम्बर श्वेतांबर जैन तीर्थों के नंबर भी एक ही जगह दिया है। इतना ही नहीं नवीन तीर्थों के समावेश के साथ निकटतम दर्शनीय स्थलों का भी विवरण इसमें संकलित किया गया है। यह पुस्तक पाकेट बुक

साईज में होने के कारण चलते-फिरते गाइड की भूमिका निभाती है। इतना ही नहीं उन्होंने देश के सभी जैन तीर्थक्षेत्रों को रंगीन नक्शों के साथ भी दर्शाया है। जो बहुत महत्वपूर्ण है।
कीर्तिमान
जब श्री जैन ने वर्ष 2012 में इस पुस्तिका का प्रथम संस्करण प्रकाशित हुआ था तब से लगभग 100000 लोग इससे लाभान्वित हुए है। जो अपने आप में एक कीर्तिमान कहा जा सकता है।

लगभग 300 पन्नों की यह पुस्तक अपने आप में एक बहुमूल्य और उपयोगी है। जो यात्रियों को यात्रा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
अधिक उम्र होने के बावजूद डॉ राजेंद्र जैन की सक्रियता की जितनी तारीफ की जाए कम है। उनका यह योगदान जैन जगत के लिए अविस्मरणीय रहेगा। मैं अपनी ओर से यही कामना करता हूं कि उनकी कलम और बलवती हो और जिन शासन की प्रभावना में और ज्यादा सक्रियता से कार्य करें।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312
