गुरुदेव का बहुत बड़ा उपदेश हम सबको मिला है विमल सागर महाराज गणधर बलय विधान संपन्न
कुंडलपुर
आचार्य पद आरोहण होने से एक दिन पूर्व सोमवार को पूज्य निर्यापक श्रमण मुनि श्री 108 समय सागर महाराज सानिध्य में गणधर बलय विधान संपन्न संपन्न हुआ। इसमें पत्र बनने का सौभाग्य श्रीमान अशोक पाटनी आर के मार्बल, एवं आशा रानी पांडया परिवार को प्राप्त हुआ।
इस पुनीत अवसर पर धर्म सभा को संबोधित करते हुए पूज्य मुनि श्री विमल सागर महाराज ने कहा कि हम सब यहां पर बैठे हुए हैं, प्रतिदिन बैठते हैं, सभी दृश्य देख रहे हैं, लेकिन इस दृश्य को बनाने वाले गुरु महाराज दिखाई नहीं दे रहे हैं, अदृश्य रूप में है, हमारे नहीं सभी के अंदर एक ही भावना हो रही होगी कि, काश यहां पर अभी गुरु महाराज बैठे होते तो आज क्या नहीं होता। हम लोगों के अंदर एक एनर्जी कितनी बड़ी होती है, यह सब अंदर ही अंदर हमारे है, पर कहां नहीं पा रहे हैं, लेकिन हम सब की जिज्ञासाओं का समाधान गुरुदेव पहले ही कर चुके हैं, अपने उपदेशों के माध्यम से, अपनी चिंतन, मनन लेखन के माध्यम से उन्होंने एक हाईको लिखा और उन्होंने कहा कि मुझे देखना चाहते हो तो ऊपर देखो, इधर देखो, उधर देखो क्या मैं मिलूंगा, उन्होंने हाईको बनाया अंतरिक्ष में ना अंतर, जगत में मुझे मिली में हमेशा मिलेगा।



महाराज श्री ने कहा कि गुरुदेव का बहुत बड़ा उपदेश हम सबको मिला है और अगर इसमें कमी रह गई, तो गुरु महाराज हमें मिलने वाले नहीं। आज हम वह सारे कार्य सिद्ध कर सकते हैं, अगर हमने गुरु को हृदय में बिठा लिया जो गुरु जी के साहित्य में हम अपने कार्यों को सिद्ध करते थे, उनका हृदय में बिठा करके आज भी हम उन सारे कार्यों को सिद्ध कर सकतेहैं।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी,9929747312
