केशवरायपाटन अतिशय क्षेत्र पर स्वस्तिभूषण माताजी के सानिध्य में चल रहे कल्पद्रम महामंडल का विश्व शांति महायज्ञ के साथ हुआ समापन कभी भी ऐसा काम नहीं करना चाहिए जिससे अपना नाम खराब हो स्वस्ति भूषण माताजी
केशवरायपाटन
नाम के अनुसार व्यक्ति के आचरण भी होना चाहिए। नाम से ही व्यक्ति की पहचान होती है।
यह बात गणिनी आर्यिका 105 स्वस्तिभूषण माताजी ने धर्म सभा में कही उन्होंने कहा कि मनुष्य का तो एक ही नाम होता है, लेकिन कई वस्तुओं के कई नाम, पर्याय होते हैं। जैसे पहाड़, पानी के कई नाम होते हैं। राम,रावण, कृष्ण, कंस वैसे तो यह नाम है, लेकिन नाम के अनुरूप इनके आचरण में झलक नहीं है। अब यह नाम नहीं रहे चारित्र बन गए। व्यक्ति का जीवन परिचय बन गया।

पूज्य माताजी ने आगे कहा कि कही बार कहा जाता है कि नाम में क्या रखा है। ऐसा नहीं है, नाम में बहुत कुछ रखा है। यह समझने और उस पर गहन विचार करने की बात है।

उन्होंने अपने प्रवचन में इस बात पर जोर दिया कि कभी भी ऐसा काम नहीं करना चाहिए जिससे अपना नाम खराब हो। अपने नाम से अपने परिवार की पहचान जुड़ी रहती है। समाज में कई बार देखा गया है कि कोई व्यक्ति ऐसा काम कर जाता है, जिससे उसका नाम अमर हो जाता है। और कोई ऐसा काम कर जाता है जिससे उसका नाम लेना भी कोई पसंद नहीं करता। अब इनमें से चयन आपको स्वयं करना है।

धर्म सत्य की राह चलने वाले का नाम कभी खराब नहीं होता है। इसीलिए इस मार्ग को कभी नहीं छोड़े। श्री मुनिसुव्रतनाथ स्वामी दिगंबर जैन मंदिर के नवनिर्माण को लेकर क्षेत्र पर चल रहे आठ दिवसीय कल्पद्रम महामंडल का सोमवार को विश्व शांति महायज्ञ के साथ समापन हो गया।
समापन की बेला पर माताजी सानिध्य में श्रीजी की विमान यात्रा के साथ नगर में शोभायात्रा निकाली गई।
शोभा यात्रा में महिलाओं ने मस्तक पर विधान के कलश लिए हुए थे। शोभा यात्रा में जगह-जगह नगर में गुरु मां की मंगल आगवानी एवम चरण पखारकर गुरु मां की आशीष लेने की होड़ लगी रही।
शोभा यात्रा का वातावरण भक्ति में बना हुआ था। और जय-जय कारों की संपूर्ण नगर में गूंज रही थी।
संकलित जानकारी के साथ अभिषेक जेन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312
