मानवीयता का अनुपम उदाहरण राजकुमार पारख
रामगंजमडी
कहा जाता है मानव सेवा ही ईश्वर की सच्ची उपासना है लेकिन इस कथन का इसका महत्व हर कोई नही समझ सकता। आज हर कोई स्वार्थपरता में उलझा है। किसी को किसी की नही पड़ी बस मैं मैं उलझा हुआ इसांन ऐसे में बिरले ही होते है जो मसीहा बनकर सामने आते है। ऐसा ही एक व्यक्तित्व है राजकुमार पारख (लिटील भाई)
क्या है वाकया
एक घटना से आपको रुबरु करवाना चाहता हू शुकवार की संध्या बेला में श्री चंदन एडवोकेट ने राजकुमार पारख (लिटील भाई) को phone किया, कहा एक आदमी अपनी पत्नी के इलाज के लिए चाँदी की कोई चीज बाज़ार मे गिरवी रखने आया है। यह सुन पारख करुणा से भर गए उन्होंने तुरंत कहा उसे मना करो औऱ हॉस्पिटल ले आए ऐसे वाकया सुन हर कोई भावुक हो सकता है। कहा गया है जिसका कोई नही उसका तो खुदा है यारो।
उस महिला का नाम दुर्गी बाई मेघवाल है जो नियामतखेड़ी निवासी है।पारख ने वहाँ मौजदू रहकर आते ही डॉक्टर को दिखाया भर्ती करवाया। इतना ही नही एक कदम इस और रखते हुए महिला के पति को कुछ राशि भी प्रदान की। जनता का पैसा जनता के काम आया।

वह जीवन ही क्या जो मानवीयता को समर्पित न हो ऐसे उदारमना व्यक्तित्व समाज के लिए प्रेरणा है वह एक आदर्श है।
अभिषेक जैन लुहाडीया रामगंजमडी
