अनन्त शुभकामना श्री राजकुमार पारख
स्म्रति मेरी स्म्रति आज से 34 वर्ष पुर्व आज ही के दिन 26अप्रैल 1992 का वह दिन जब आप परिणय सूत्र में बंधे मैं स्वयं उम्र छोटी थी पर मैं इस विवाह समारोह मे सम्मलित था साबू क्रीडांगन इसका साक्षी था आपकी आमन्त्रण पत्रिका मे एक लाइन लिखी हुई थी जो काफी समय तक चर्चाओ मे बनी रही एक शाम पारख परिवार के नाम जब आप घोड़ी पर सवार होक्रर निकले तो वह दृश्य भी अलोकिक था

आपकी बारात का जो हुजूम था वह बहुत गजब था सभी खुशी से झूम रहे थे 31 जगह पर इस बारात का स्वागत हुआ
यदि दांपत्य जीवन के 34 वर्षों को देखा जाए तो पारिवारिक दायित्व के साथ आप दोनों ने समाज सेवा से सरोकार रखा सबकि मदद करने सहयोग समन्वय सहभागिता इनके व्यक्तित्व को परिलक्षित करती है। 


शुभकामनाओ का तार लिए
हम आए शुभकामना देने के लिए
अनन्त शुभकामना।
अभिषेक जैन लुहाडिया रामगजमडी
